मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। 16 जन समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। सिविल लाइंस स्थित फ्रीडम फाइटर डिस्ट्रिक्ट काउंसिल हॉल में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
16 एजेंडा बिंदुओं पर हुई विस्तृत चर्चा
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में आज जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक प्रारंभ हुई। बैठक में कुल 16 एजेंडा रखे गए हैं।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक तेजपाल तंवर, विधायक मुकेश शर्मा सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी… pic.twitter.com/Ei7FG5bzxW
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 1, 2026
बैठक के दौरान समिति के समक्ष कुल 16 एजेंडा बिंदुओं को रखा गया, जिनमें मुख्य रूप से जन स्वास्थ्य, सड़कों की स्थिति, बिजली आपूर्ति और सरकारी विभागों से जुड़ी लंबित शिकायतें शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम आदमी की समस्याओं का संवेदनशील तरीके से समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और पारदर्शिता के साथ उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक तेजपाल तंवर, विधायक मुकेश शर्मा के साथ-साथ जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विकास कार्यों और जन समस्याओं पर चर्चा की और संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया।
जन शिकायतों के समाधान पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान दोहराया कि उनकी सरकार का लक्ष्य ‘अंत्योदय’ की भावना के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जन समस्याओं के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित मामलों के समाधान के लिए विभागीय तालमेल को और अधिक बेहतर बनाने पर भी जोर दिया ताकि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।