हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘मेक इन हरियाणा’ औद्योगिक नीति लॉन्च की। 1.1 लाख करोड़ का निवेश और नई नीतियों से राज्य बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब।
हरियाणा को देश का सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज गुरुग्राम में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राज्य की फ्लैगशिप ‘मेक इन हरियाणा’ (Make in Haryana) औद्योगिक नीति का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 9 नई सेक्टर-विशिष्ट नीतियों और ‘स्मार्ट इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल’ का भी अनावरण किया, जो निवेशकों के लिए व्यापार करने की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना देगा।
1.1 लाख करोड़ के निवेश का नया अध्याय
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने गुरुग्राम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में ‘मेक इन हरियाणा’ नीति सहित 9 नई सेक्टोरल नीतियों और स्मार्ट निवेश सुविधा पोर्टल का शुभारंभ किया।
इस दौरान लगभग 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से जुड़े एमओयू हुए। साथ ‘हैपनिंग हरियाणा… pic.twitter.com/jwyw7SROIg
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 1, 2026
इस कार्यक्रम में उद्योग जगत की दिग्गज कंपनियों के साथ लगभग 1.1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। यह निवेश हरियाणा की औद्योगिक विकास यात्रा में एक नए युग की शुरुआत है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के लोगो का भी अनावरण किया, जो वैश्विक स्तर पर हरियाणा की औद्योगिक क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
‘मेक इन हरियाणा’: विकास का नया रोडमैप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “‘मेक इन हरियाणा’ केवल एक औद्योगिक नीति नहीं है, बल्कि यह राज्य के आर्थिक विकास का आने वाले समय का रोडमैप है। हमारा लक्ष्य हरियाणा को विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक, ईवी (EV) और डेटा केंद्रों के वैश्विक हब के रूप में स्थापित करना है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का ध्यान ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) को और बेहतर बनाने और उद्योगों के लिए एक भविष्य-उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) बनाने पर है।
नई नीतियों की प्रमुख विशेषताएं
- सेक्टर-विशिष्ट नीतियां: नई 9 नीतियों के माध्यम से ऑटोमोबाइल, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, और हरित ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- स्मार्ट इन्वेस्टमेंट पोर्टल: यह पोर्टल निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने में मदद करेगा, जिससे लालफीताशाही खत्म होगी।
- रोजगार सृजन: इन नई नीतियों के माध्यम से राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ बड़े पैमाने पर युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ये सुधार न केवल बड़े उद्योगों को आकर्षित करेंगे, बल्कि एमएसएमई (MSMEs) क्षेत्र को भी मजबूती प्रदान करेंगे। without any link