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फाजिल्का के अरनीवाला में नशा मुक्ति अभियान के चौथे चरण में नायब सिंह सैनी शामिल हुए। उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई को राजनीतिक दलों से ऊपर उठाकर जनआंदोलन बनाने की अपील की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के फाजिल्का जिले के अरनीवाला में नशा मुक्ति अभियान के चौथे चरण के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल किसी राजनीतिक दल का अभियान नहीं, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को बचाने की सामाजिक जिम्मेदारी बताया।
नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील
नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को जनआंदोलन का रूप देने की जरूरत है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से इस अभियान में भागीदारी करने की अपील की। उनके मुताबिक, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए केवल प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार, सामाजिक संगठन और आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
सैनी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इसे युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय बताया।
फाजिल्का में नशा मुक्ति यात्रा का चौथा चरण
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने अरनीवाला (फाजिल्का) में नशा मुक्ति यात्रा के चौथे चरण के कार्यक्रम में शिरकत की।
“नशे के खिलाफ लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ी को बचाने की लड़ाई है। इस मुहिम को जन आंदोलन बनाना समय की जरूरत है।”#Haryana… pic.twitter.com/l4MhQIXZJW
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 21, 2026
नायब सिंह सैनी ने फाजिल्का में नशा मुक्ति यात्रा के चौथे चरण में शामिल होकर लोगों को संबोधित किया। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम 21 सितंबर को अरनीवाला में आयोजित हुआ।
इस यात्रा की शुरुआत 18 सितंबर को हुई थी और इसे 30 सितंबर तक पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक ले जाने की योजना है। अभियान के दौरान नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
युवाओं के भविष्य पर फोकस
सैनी ने अपने संबोधन में युवाओं को नशे से बचाने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए उपचार, पुनर्वास, खेल और रोजगार जैसे पहलुओं पर भी साथ-साथ ध्यान दिया जाना चाहिए।
नशा मुक्ति अभियान के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे नशे से प्रभावित परिवारों का सहयोग करें और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में भूमिका निभाएं। सैनी ने कहा कि सामूहिक प्रयासों के जरिए ही इस सामाजिक समस्या से निपटने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
पंजाब में नशे के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी
पंजाब में नशे का मुद्दा राजनीतिक बहस का भी विषय बना हुआ है। नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में पंजाब सरकार के पुराने नशा विरोधी वादों पर सवाल उठाए, जबकि पंजाब की सत्तारूढ़ AAP सरकार अपनी अलग नशा विरोधी मुहिम चला रही है।
फाजिल्का में सैनी का संदेश मुख्य रूप से नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी बढ़ाने और अभियान को जनआंदोलन बनाने पर केंद्रित रहा। उन्होंने युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा को इस मुहिम का प्रमुख उद्देश्य बताया।