हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महान सिख योद्धा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी को उनके शहीदी दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। जानिए मुख्यमंत्री ने उनके बलिदान और आदर्शों के बारे में क्या कहा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज महान सिख योद्धा और राष्ट्र नायक बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के शहीदी दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके त्याग और बलिदान को याद करते हुए उन्हें भारतीय इतिहास का एक ऐसा अद्वितीय योद्धा बताया, जिन्होंने अत्याचारी शासन की जड़ों को हिलाकर रख दिया था।
अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर जी का जीवन दमनकारी नीतियों के विरुद्ध अदम्य साहस और धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण करने का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “बाबा बंदा सिंह बहादुर जी ने जिस तरह से शोषितों और पीड़ितों के लिए आवाज उठाई और मुगल साम्राज्य की नींव हिला दी, वह आज भी हम सभी के लिए अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा है।”
“आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता”
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के शहादत दिवस पर उन्हें नमन किया।#Haryana #DIPRHaryana #HaryanaCM #NayabSinghSaini pic.twitter.com/YaU6xhHqNU
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 25, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बाबा जी के आदर्श—न्याय, समानता और निडरता—हमारे समाज के लिए एक मार्गदर्शक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
इतिहास के महान नायक
मुख्यमंत्री ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि एक साधारण संन्यासी से लेकर एक महान सेनापति बनने तक का उनका सफर त्याग और समर्पण की अनूठी कहानी है। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों का बलिदान ही हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का आधार है, जिसे संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
श्रद्धांजलि का संदेश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के शहीदी दिवस पर हम यह संकल्प लें कि हम समाज में शांति, सद्भाव और न्याय के मूल्यों को स्थापित करेंगे। उनकी वीरता और उनके द्वारा किए गए सुधार, विशेषकर किसानों को जमीनों का मालिकाना हक देने की उनकी पहल, उन्हें युगों-युगों तक एक महान जननायक के रूप में स्मरण कराती रहेगी।