सीएम नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 का शुभारंभ किया। अब जमीन की रजिस्ट्री होते ही इंतकाल अपने आप हो जाएगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए राज्य में ‘पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0’ और ‘ऑटो म्यूटेशन सिस्टम’ का शुभारंभ किया है। इस डिजिटल सुधार के बाद अब जमीन की रजिस्ट्री करवाते ही इंतकाल (म्यूटेशन) की प्रक्रिया खुद-ब-खुद शुरू हो जाएगी, जिससे प्रदेश के लाखों किसानों और जमीन मालिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
“रजिस्ट्री के साथ ही होगा ऑटो-म्यूटेशन”
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। दूसरे चरण में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जिससे प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी एवं नागरिकों के अनुकूल बनेगी।
मुख्यमंत्री ने ऑटो इंतकाल प्रणाली की भी…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 23, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में नई व्यवस्था को लॉन्च करते हुए कहा कि अब रजिस्ट्री के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। जैसे ही संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी होगी, सिस्टम द्वारा ऑटो-म्यूटेशन नंबर जारी कर दिया जाएगा। जो मामले संयुक्त स्वामित्व (joint ownership) से संबंधित नहीं हैं, उनका निपटारा 24 घंटे के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अन्य मामलों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
नई प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं:
- पारदर्शिता और सरलता: रजिस्ट्री के लिए आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल और ‘यूजर-फ्रेंडली’ बनाया गया है।
- आधारित ई-केवाईसी: पहचान की 100% पुष्टि के लिए दोनों पक्षों की आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है।
- तत्काल अपॉइंटमेंट: पासपोर्ट सेवा की तर्ज पर अब रजिस्ट्री के लिए भी ‘तत्काल’ श्रेणी में अपॉइंटमेंट ली जा सकेगी।
- डिजिटल रिकॉर्ड: नागरिक अब घर बैठे ही अपना म्यूटेशन रिकॉर्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे और अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकेंगे।
- डिजिटल ऑथेंटिकेशन: पूरी प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म होगी।
“सुशासन की दिशा में बड़ा कदम”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ महीनों में प्राप्त फीडबैक और सुझावों के आधार पर पेपरलेस रजिस्ट्री के दूसरे चरण को तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों के जीवन को सरल, सुगम और सुविधाजनक बनाना है। इस नई व्यवस्था से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। यह पहल हरियाणा को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी राजस्व प्रणाली की ओर ले जाने का एक क्रांतिकारी कदम है।