विकास और विरासत का संगम: भारत के सांस्कृतिक पुनरुद्धार पर बोले CM नायब सिंह सैनी

विकास और विरासत का संगम: भारत के सांस्कृतिक पुनरुद्धार पर बोले CM नायब सिंह सैनी

 

हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में भारत विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान दे रहा है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनरुद्धार के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज एक ऐसे स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है, जहाँ आधुनिक विकास और प्राचीन विरासत कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार का संकल्प न केवल भौतिक विकास करना है, बल्कि देश की जड़ों और सांस्कृतिक गौरव को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

सांस्कृतिक गौरव का नया अध्याय

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने सभ्यतागत मूलों और गौरवशाली इतिहास से पुनः जुड़ रहा है। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम के कायाकल्प, उज्जैन स्थित महाकाल महालोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे ऐतिहासिक कार्यों को देश की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये पवित्र स्थल न केवल हमारी गहरी आस्था के केंद्र हैं, बल्कि भारत की ‘सनातन’ संस्कृति की जीवंतता और भारत की आध्यात्मिक शक्ति के प्रतीक भी हैं।

विकास और विरासत का अनूठा संगम

मुख्यमंत्री का स्पष्ट मत है कि ‘नया भारत’ अपनी आधुनिक उपलब्धियों के साथ-साथ अपनी प्राचीन परंपराओं और संस्कृति को भी सहेजने में पूरी तत्परता से जुटा है। उन्होंने कहा कि तीर्थस्थलों के कायाकल्प से न केवल धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। इस प्रक्रिया से नई पीढ़ी अपनी जड़ों, मानवीय मूल्यों और गौरवशाली इतिहास से सीधे तौर पर परिचित हो रही है। उन्होंने ‘प्रसाद’ (PRASAD) योजना जैसी केंद्र सरकार की पहल को देश की सांस्कृतिक चेतना को पुनर्जीवित करने वाला बताया।

युवा पीढ़ी और विरासत का अटूट जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसी आध्यात्मिक यात्राएं और विरासत स्थलों का विकास युवाओं को देश की मिट्टी और संस्कारों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए, हरियाणा सरकार ने राज्य में सिख गुरुओं के महान इतिहास को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण जैसी कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से आने वाली पीढ़ियां त्याग, शौर्य और सेवा के हमारे गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर एक सशक्त और संस्कारवान राष्ट्र का निर्माण करेंगी।

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