पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादास्पद वीडियो पर फोरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा। पार्टी ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विरुद्ध हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विवादास्पद वीडियो को लेकर चल रहे राजनीतिक और धार्मिक विवाद के बीच, आम आदमी पार्टी ने एक बड़ा खुलासा किया है। पार्टी ने दो स्वतंत्र और प्रतिष्ठित फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए स्पष्ट किया है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं है।
साजिश का पर्दाफाश: फोरेंसिक रिपोर्ट में तकनीकी पुष्टि
Conspiracy to malign Chief Minister @BhagwantMann exposed !
Two reputed, independent forensic labs have examined the video and reached the same conclusion: the individual seen in the footage is NOT CM Bhagwant Mann.
Facial comparison, height analysis, body structure, posture,… pic.twitter.com/69ktnU52pJ
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 18, 2026
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि पंजाब के बाहर स्थित दो मान्यता प्राप्त फोरेंसिक लैब ने इस वीडियो का गहन तकनीकी परीक्षण किया है। रिपोर्ट में 1,191 संदर्भ बिंदुओं का उपयोग किया गया, जिसमें चेहरे की पहचान (Facial Comparison), कद का आकलन (Height Assessment), शारीरिक संरचना (Body Structure), चाल (Gait Analysis), त्वचा का रंग (Skin Tone) और शरीर की मुद्रा (Posture) का बारीकी से अध्ययन किया गया। दोनों ही लैब की रिपोर्ट ने एकमत से पुष्टि की है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान से बिल्कुल मेल नहीं खाता है।
“यह एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है”
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित एक विद्वेषपूर्ण साजिश’ करार दिया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल उनकी सरकार द्वारा उठाए जा रहे जनहित के फैसलों और ‘बेअदबी’ (धार्मिक ग्रंथ के अपमान) के खिलाफ बनाए गए सख्त कानूनों से बौखला गए हैं। उन्होंने कहा कि यह वीडियो उन्हें बदनाम करने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने का एक असफल और घटिया प्रयास है।
अकाल तख्त के साथ विवाद और कानूनी कार्यवाही
यह घटनाक्रम तब और गहरा गया था जब इस मुद्दे पर अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त टिप्पणी की गई थी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी पूर्ण श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे संवैधानिक पद पर रहते हुए पंजाब की भलाई के लिए साहसी निर्णय लेते रहेंगे। आप नेताओं का कहना है कि वे इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए डीजीपी पंजाब को रिपोर्ट सौंपेंगे और उन सभी व्यक्तियों की पहचान करेंगे, जिन्होंने इस ‘फेक वीडियो’ को बनाने और इसे प्रसारित करने में मुख्य भूमिका निभाई है।
आम आदमी पार्टी का दावा है कि अब सच्चाई सबके सामने आ गई है और यह साजिश पंजाब की शांति को भंग करने के लिए रची गई थी। पार्टी का आरोप है कि जो ताकतें धर्म को राजनीति का उपकरण बनाकर अपनी सत्ता की भूख मिटाना चाहती हैं, वही इस पूरे विवाद के पीछे सक्रिय हैं।