नवरात्रि में गरबा करते समय दिल की धड़कन तेज होना सामान्य हो सकता है। जानें इसके कारण, खतरे के संकेत और दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी सावधानियां।
नवरात्रि का त्योहार आते ही चारों ओर भक्ति, उत्साह और उमंग का माहौल बन जाता है। मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ गरबा और डांडिया नाइट्स भी इस पर्व का खास हिस्सा हैं। रंग-बिरंगे कपड़े, पारंपरिक संगीत और ढोल की थाप पर घंटों तक नाचने का उत्साह लोगों को अपनी ओर खींचता है। गरबा के दौरान कई बार लोग संगीत की लय में इतने खो जाते हैं कि उन्हें थकान का एहसास देर से होता है। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगता है, लेकिन कुछ देर लगातार नाचने के बाद दिल की धड़कन तेज होने लगती है। कभी दिल जोर-जोर से धड़कता महसूस होता है, तो कभी ऐसा लगता है कि धड़कन सामान्य से ज्यादा बढ़ गई है। ज्यादातर मामलों में यह शारीरिक मेहनत, उत्साह और शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन के बढ़ने की स्वाभाविक प्रतिक्रिया हो सकती है। हालांकि, हर बार तेज धड़कन को सामान्य मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि गरबा खेलते समय दिल की धड़कन क्यों बढ़ती है और किन संकेतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
गरबा करते समय दिल की धड़कन तेज क्यों हो जाती है?
जब कोई व्यक्ति तेज गति से गरबा करता है, तो शरीर की मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन और ऊर्जा की जरूरत होती है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए हृदय तेजी से रक्त पंप करने लगता है, जिससे दिल की धड़कन बढ़ जाती है। गरबा में लगातार घूमना, कदमों की गति बदलना, हाथों को ऊपर उठाना और लंबे समय तक सक्रिय रहना शरीर पर शारीरिक दबाव बढ़ाता है। इसके अलावा, तेज संगीत, भीड़ और त्योहार का उत्साह भी शरीर में एड्रेनालिन के स्तर को प्रभावित कर सकता है। इस कारण दिल की धड़कन कुछ समय के लिए और तेज महसूस हो सकती है। यदि धड़कन गतिविधि के अनुपात में बढ़ रही है और आराम करने पर धीरे-धीरे सामान्य हो जाती है, तो यह अक्सर व्यायाम के दौरान शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया होती है। हालांकि, केवल धड़कन तेज होने या कुछ समय में सामान्य हो जाने के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि हृदय पूरी तरह स्वस्थ है।
कब तेज हार्टबीट को सामान्य माना जा सकता है?
गरबा या डांडिया करते समय दिल की धड़कन बढ़ना आम बात है, खासकर तब जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक लगातार नाच रहा हो या उसकी शारीरिक गतिविधि सामान्य से अधिक हो। इस दौरान सांसों का तेज होना, शरीर में गर्मी महसूस होना और पसीना आना भी शारीरिक मेहनत का हिस्सा हो सकता है। कुछ देर रुकने, आराम करने और शरीर को ठंडा होने का समय देने पर धड़कन सामान्य होने लगती है। यदि ऐसा होता है और कोई अन्य परेशानी नहीं है, तो यह अक्सर शरीर की मेहनत के प्रति स्वाभाविक प्रतिक्रिया हो सकती है। लेकिन अगर धड़कन अचानक बहुत तेज हो जाए, बिना किसी स्पष्ट वजह के बढ़ने लगे, अनियमित महसूस हो या आराम करने के बावजूद बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बार-बार ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
दिल की धड़कन के साथ दिखें ये लक्षण तो तुरंत रुक जाएं
गरबा करते समय अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। यदि दिल की धड़कन तेज होने के साथ सीने में दर्द, दबाव या जकड़न महसूस हो, सांस लेने में असामान्य परेशानी हो, चक्कर आएं या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो तुरंत नाचना बंद कर दें। अचानक कमजोरी, ठंडा पसीना या धड़कन का बहुत तेज अथवा अनियमित होना भी चिंता का कारण हो सकता है। सीने में दर्द, गंभीर सांस की तकलीफ, बेहोशी या लगातार असामान्य धड़कन होने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। ऐसे लक्षणों को केवल थकान या डांस का असर समझकर टालना खतरनाक हो सकता है। यदि व्यक्ति बेहोश हो जाए या उसकी हालत तेजी से बिगड़ रही हो, तो तुरंत आपातकालीन सेवा बुलाएं।
नवरात्रि में गरबा खेलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
त्योहार के उत्साह में कई लोग बिना तैयारी के ही घंटों तक गरबा करने लगते हैं। इससे शरीर पर अचानक अधिक दबाव पड़ सकता है। इसलिए डांस शुरू करने से पहले कुछ मिनट हल्की स्ट्रेचिंग और वार्म-अप करें। शुरुआत धीमी गति से करें और धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार गति बढ़ाएं। लगातार लंबे समय तक नाचने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक लें। पसीने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त पानी पीते रहें। गर्म और भीड़भाड़ वाली जगह पर लंबे समय तक नाचने से बचें तथा आरामदायक कपड़े और जूते पहनें। यदि पहले से हृदय संबंधी बीमारी है या शारीरिक गतिविधि के दौरान परेशानी होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही अपनी गतिविधि की तीव्रता तय करें।
कैफीन, नींद की कमी और पानी की कमी भी बढ़ा सकती हैं धड़कन
गरबा नाइट्स के दौरान देर रात तक जागना, पर्याप्त नींद न लेना और जरूरत से ज्यादा चाय, कॉफी या ऊर्जा पेय का सेवन भी कुछ लोगों में दिल की धड़कन तेज होने की समस्या बढ़ा सकता है। इसके अलावा, अधिक पसीना निकलने के बावजूद पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं लेने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी और धड़कन बढ़ने जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। इसलिए नवरात्रि के दौरान खानपान और आराम का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर धड़कन बार-बार तेज होती है, बिना मेहनत के ऐसा महसूस होता है या इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो चिकित्सकीय जांच कराएं। केवल पानी पीकर या आराम करके हर तरह की समस्या ठीक होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
उत्साह के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी
नवरात्रि में गरबा और डांडिया भक्ति के साथ खुशी और शारीरिक सक्रियता का भी माध्यम हैं। लेकिन त्योहार का आनंद लेते समय शरीर की सीमाओं को समझना जरूरी है। मेहनत के दौरान दिल की धड़कन बढ़ना अक्सर सामान्य होता है, मगर अचानक तेज या अनियमित धड़कन और उसके साथ होने वाले चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बीच-बीच में आराम करें, पर्याप्त पानी पिएं और असहज महसूस होने पर खुद को जबरदस्ती नाचने के लिए मजबूर न करें। याद रखें, गरबा का असली आनंद तभी है जब आप सुरक्षित रहें और अपनी सेहत का भी पूरा ध्यान रखें।