पंचकूला में ‘नारी शक्ति’ का शंखनाद: मशाल पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री सैनी ने विपक्ष को घेरा

पंचकूला में 'नारी शक्ति' का शंखनाद: मशाल पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री सैनी ने विपक्ष को घेरा

पंचकूला में नारी शक्ति विधेयक के समर्थन में भव्य मशाल पदयात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं के अधिकारों को सामाजिक न्याय का विषय बताया

नारी शक्ति विधेयक के समर्थन में मंगलवार को पंचकूला की सड़कें ‘मशाल पदयात्रा’ के जोश और उत्साह से सराबोर रहीं। सेक्टर-7/8 लाइट प्वाइंट से शुरू होकर डीसी मॉडल स्कूल तक पहुंची इस पदयात्रा में हजारों की संख्या में महिलाओं, युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। हाथों में मशालें थामे महिलाओं ने समाज में अपने अधिकारों, सम्मान और समान भागीदारी के लिए आवाज बुलंद की। इस पदयात्रा ने स्पष्ट संदेश दिया कि आधुनिक भारत की नारी अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक है।

मुख्यमंत्री नायब सैनी का कड़ा रुख: विधानसभा में प्रस्ताव पारित

इस मुद्दे पर हरियाणा सरकार ने भी अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार ने विशेष सत्र बुलाकर नारी शक्ति विधेयक के विरोध में विपक्ष के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की और इस संबंध में एक निंदा प्रस्ताव भी पारित किया। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा, “नारी शक्ति किसी भी सभ्य समाज की आधारशिला है। महिलाओं को उनका उचित अधिकार देना केवल राजनीति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का विषय है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

जनता का समर्थन और ‘ऑपरेशन नारी शक्ति’

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने पंचकूला में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि यह भीड़ इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा की जनता महिलाओं के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी। कार्यक्रम का सफल आयोजन राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। सांसद रेखा शर्मा ने इस विधेयक को महिलाओं के आत्मसम्मान का प्रतीक बताया और विपक्ष द्वारा इसे रोके जाने के प्रयासों को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया।

सामाजिक जागरूकता की नई मिसाल

पंचकूला की पूर्व महापौर उपेंद्र कौर अहलुवालिया ने इस पदयात्रा को सामाजिक जागरूकता का एक बड़ा प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि मशाल पदयात्रा केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ एक वैचारिक क्रांति है। इस कार्यक्रम में अंबाला की मेयर व विधायक शक्ति रानी शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिला शक्ति मौजूद रही। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने नारी शक्ति के समर्थन में नारे लगाए और सामाजिक न्याय की मांग की।

Related posts

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात; हरियाणा के विकास पर हुई चर्चा

नायब सिंह सैनी का अंबाला दौरा: कांग्रेस और AAP पर जमकर बरसे, लाडो लक्ष्मी योजना का किया जिक्र

पश्चिम बंगाल में BJP सरकार का शपथ ग्रहण: मंच पर दूसरी पंक्ति में दिखे CM नायब सैनी, ‘हरियाणा मॉडल’ की जीत का दिखा असर

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More