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नाना पाटेकर के निधन पर अक्षय कुमार ने भावुक श्रद्धांजलि दी। ‘वेलकम’ और ‘हाउसफुल 5’ के सह-कलाकार ने उनकी आवाज, अभिनय और साथ बिताई यादों को याद करते हुए गहरा दुख जताया।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे शोक में डाल दिया है। 75 वर्ष की उम्र में 8 अक्टूबर को गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद अभिनेता का निधन हो गया। नाना पाटेकर के जाने की खबर सामने आते ही बॉलीवुड के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, निमरत कौर, नील नितिन मुकेश, कियारा आडवाणी समेत कई सितारों ने दिग्गज अभिनेता को याद किया। नाना पाटेकर के साथ लंबे समय तक काम करने वाले कलाकारों के लिए उनका निधन एक बड़ी व्यक्तिगत और पेशेवर क्षति के तौर पर सामने आया है।
अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर को किया याद
नाना पाटेकर के निधन पर अभिनेता अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। अक्षय और नाना पाटेकर ने लोकप्रिय फिल्म ‘वेलकम’ के अलावा हाल ही में ‘हाउसफुल 5’ में भी साथ काम किया था। अक्षय ने अपने पोस्ट में नाना पाटेकर की अभिनय शैली और उनकी खास आवाज को याद करते हुए कहा कि वह ऐसे दुर्लभ कलाकार थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए किसी अतिरिक्त प्रयास की जरूरत नहीं पड़ती थी।
अक्षय ने नाना पाटेकर के अभिनय में मौजूद तीव्रता, ईमानदारी और उनकी अलग पहचान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर का अंदाज पूरी तरह उनका अपना था और उन्होंने हर किरदार को अपने तरीके से यादगार बनाया।
‘वेलकम’ से ‘हाउसफुल 5’ तक साथ काम करने की यादें
अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर के साथ काम करने के अनुभव को भी याद किया। उन्होंने बताया कि दोनों ने ‘वेलकम’ में साथ काम किया था और बाद में ‘हाउसफुल 5’ के दौरान फिर से स्क्रीन साझा करने का मौका मिला। अक्षय ने कहा कि इन फिल्मों के सेट से जुड़ी कई यादें उनके साथ हमेशा रहेंगी।
‘वेलकम’ में नाना पाटेकर ने उदय शेट्टी का लोकप्रिय किरदार निभाया था। फिल्म में अक्षय कुमार और नाना पाटेकर की जोड़ी ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया था। नाना की संवाद अदायगी और उनका कॉमिक अंदाज आज भी इस फिल्म के सबसे चर्चित हिस्सों में शामिल है।
अक्षय बोले- ‘यकीन करना मुश्किल है कि आप चले गए’
अक्षय कुमार ने अपने संदेश में नाना पाटेकर के निधन पर अविश्वास और गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि नाना जी का जाना उनके लिए स्वीकार करना आसान नहीं है। अभिनेता ने उनके साथ बिताए पलों और साझा यादों के लिए आभार व्यक्त किया।
अक्षय के मुताबिक, नाना पाटेकर उन कलाकारों में से थे जिनकी मौजूदगी अपने आप दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेती थी। उनकी आवाज, अभिनय की तीव्रता और हर किरदार को निभाने का ईमानदार अंदाज उन्हें अलग पहचान देता था।
रितेश देशमुख भी हुए भावुक
अक्षय कुमार के अलावा रितेश देशमुख ने भी नाना पाटेकर के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि दी। रितेश ने कहा कि वह इस खबर से बेहद स्तब्ध हैं और उनके पास अपने दुख को व्यक्त करने के लिए पर्याप्त शब्द नहीं हैं। दोनों कलाकारों ने ‘ब्लफमास्टर’ और ‘हाउसफुल 5’ में साथ काम किया था।
रितेश ने नाना पाटेकर को बेहतरीन अभिनेता बताते हुए कहा कि उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों को पूरी क्षमता के साथ निभाया। उनके अनुसार, नाना पाटेकर बड़े पर्दे पर नायक, खलनायक और कॉमेडी भूमिकाओं में समान रूप से प्रभावी रहे।
नाना पाटेकर के साथ मराठी फिल्म में काम करना चाहते थे रितेश
रितेश देशमुख ने अपने संदेश में एक अधूरी इच्छा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर के साथ हिंदी फिल्मों में काम करने का अवसर तो मिला, लेकिन वह हमेशा उनके साथ किसी मराठी फिल्म में स्क्रीन साझा करना चाहते थे। यह इच्छा अब पूरी नहीं हो सकेगी।
रितेश ने नाना पाटेकर के परिवार, करीबी लोगों और उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अभिनेता से मिली सीख, बातचीत, हंसी-मजाक और प्रोत्साहन को याद करते हुए कहा कि नाना पाटेकर का जाना एक युग के अंत जैसा है।
गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद हुआ निधन
रिपोर्टों के मुताबिक, नाना पाटेकर को गोवा स्थित अपने आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद चिकित्सा सहायता दी गई। बताया गया कि उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ था और मेडिकल टीम को उनके घर भेजा गया। वहां अभिनेता बेहोशी की हालत में मिले, जिसके बाद उन्हें तत्काल डोना पाउला स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया। उनकी मौत के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की गई, ताकि मृत्यु के चिकित्सकीय और कानूनी कारणों की पुष्टि की जा सके।
चार दशक से ज्यादा का शानदार करियर
नाना पाटेकर ने 1978 में ‘गमन’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘अंकुश’, ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘राजनीति’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं।
तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री भी मिला था। अपनी अलग आवाज, संवाद अदायगी और अभिनय की विशिष्ट शैली के कारण उन्होंने भारतीय सिनेमा में एक ऐसी पहचान बनाई, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।