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एन. रंगासामी ने पांचवीं बार पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। एआईएनआरसी और बीजेपी गठबंधन (NDA) ने 30 में से 18 सीटें जीतकर सत्ता पर कब्जा बरकरार रखा है।
एन. रंगासामी ने पांचवीं बार संभाली पुडुचेरी की कमान; एनडीए गठबंधन की शानदार वापसी
ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के संस्थापक और दिग्गज नेता एन. रंगासामी ने आज, 13 मई 2026 को केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। राजभवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में उप-राज्यपाल के. कैलाशनाथन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह रंगासामी के राजनीतिक करियर का एक ऐतिहासिक पड़ाव है, क्योंकि वे पांचवीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हुए हैं। 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए हाल ही में हुए चुनावों में रंगासामी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन ने निर्णायक जीत हासिल की है, जिससे पुडुचेरी में एक बार फिर गठबंधन सरकार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
विधानसभा चुनाव 2026: एआईएनआरसी का दबदबा
09 अप्रैल को संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में एन. रंगासामी की पार्टी, एआईएनआरसी ने अपनी लोकप्रियता का लोहा मनवाया। पार्टी ने कुल 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 12 पर जीत दर्ज कर वह सदन में सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी। गठबंधन सहयोगियों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 10 सीटों पर चुनाव लड़कर 04 सीटों पर कब्जा जमाया। इसके अतिरिक्त, एआईएडीएमके (AIADMK) और लाचित जननायगा काची ने भी एक-एक सीट जीती। इस तरह 30 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए की कुल सदस्य संख्या 18 हो गई है, जो बहुमत के आंकड़े से ऊपर है।
रंगासामी का राजनीतिक सफर और उपलब्धियां
एन. रंगासामी का मुख्यमंत्री के रूप में यह पांचवां कार्यकाल उनके व्यापक जनसमर्थन और अनुभवी नेतृत्व का प्रमाण है। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से हुई थी, जहां उन्होंने 2001 से 2008 के बीच दो बार मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। हालांकि, 2011 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर ‘ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस’ (AINRC) का गठन किया। अपनी पार्टी बनाने के मात्र तीन महीने के भीतर ही उन्होंने विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की और तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। उनका चौथा कार्यकाल गठबंधन की जटिलताओं और विकास के संतुलन के लिए जाना गया, और अब 2026 की यह जीत उनके राजनीतिक कौशल की एक और बड़ी मुहर है।
सत्ता का बदलता समीकरण: 2021 बनाम 2026
यदि पिछले चुनाव परिणामों पर नजर डालें, तो 2021 में भी रंगासामी के नेतृत्व वाले एनडीए ने कांग्रेस को सत्ता से बेदखल किया था। उस समय एनडीए ने 16 सीटें जीती थीं, जिसमें एआईएनआरसी के पास 10 और बीजेपी के पास 6 सीटें थीं। तत्कालीन सत्ताधारी कांग्रेस-डीएमके गठबंधन (SDA) को मात्र 8 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। 2026 के ताजा परिणामों ने न केवल रंगासामी की व्यक्तिगत स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि पुडुचेरी की राजनीति में निर्दलीयों के प्रभाव को भी संतुलित किया है। रंगासामी के सामने अब अगले पांच वर्षों के लिए केंद्र शासित प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और केंद्र के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी।