मैदानी इलाकों में थमने के बाद मॉनसून फिर सक्रिय। IMD ने 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल और उत्तराखंड में रेड अलर्ट, जानें मौसम का हाल।
देश के मैदानी इलाकों में कुछ दिनों की शांति के बाद मॉनसून एक बार फिर अपना उग्र रूप दिखाने के लिए तैयार है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज सोमवार (13 जुलाई 2026) से देश के कई हिस्सों में आफत की बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने देश के 18 राज्यों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। आशंका जताई गई है कि अगले चार दिनों तक देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मूसलाधार बारिश का कहर देखने को मिल सकता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की पूरी संभावना है।
इन 18 राज्यों के लिए मौसम विभाग की विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने देश के भौगोलिक रूप से संवेदनशील और मैदानी क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए अलर्ट जारी किया है। आगामी चार दिनों तक उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। जिन राज्यों के लिए विशेष तौर पर अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। इसके अलावा मैदानी इलाकों में पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की संभावना जताई गई है। मध्य और पूर्वी भारत के छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित पूर्वोत्तर के राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा में भी अगले चार दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं।
पहाड़ों पर मंडराया संकट: हिमाचल और उत्तराखंड में ‘रेड अलर्ट’
पहाड़ी राज्यों में स्थिति इस समय सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। पहाड़ों पर कहीं बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं, तो कहीं भूस्खलन के कारण पूरे के पूरे पहाड़ दरक रहे हैं। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे सड़कें, दुकानें और रिहायशी मकान सैलाब की चपेट में आ रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण अचानक बाढ़ (Flash Floods), पेड़ों के उखड़ने और चट्टानें खिसकने से सैकड़ों मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के 6 संवेदनशील जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। वहीं, पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी स्थिति गंभीर है, जहां आगामी दिनों में मूसलाधार बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मैदानी राज्यों का हाल: दिल्ली में तेज हवाएं और राजस्थान में धूलभरी आंधी
मैदानी इलाकों की बात करें तो मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पश्चिम बंगाल और बिहार में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है।
राजस्थान के मौसम में भी बदलाव देखा जा रहा है। राज्य के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में 14 और 15 जुलाई को हल्की बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में तेज धूलभरी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो अगले 7 दिनों तक तापमान में कोई बड़ा उलटफेर होने की उम्मीद नहीं है। सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में दिन के समय तेज सतही हवाएं (Strong Surface Winds) चलने का अनुमान है, जिससे मौसम का मिजाज बदला रहेगा। दिल्ली में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है।
मैदानों में क्यों थमा था मॉनसून और पहाड़ों पर क्यों बढ़ा कोहराम?
मौसम विभाग की ‘ऑल इंडिया वेदर रिपोर्ट’ के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में मैदानी इलाकों में मॉनसून के अचानक थमने के पीछे एक विशेष भौगोलिक कारण था। दरअसल, पाकिस्तान की तरफ से आने वाली सूखी और गर्म हवाएं अरब सागर, मध्य भारत और दक्षिण भारत के एक बड़े हिस्से तक फैल गई थीं। इन सूखी हवाओं के प्रभाव के कारण दिल्ली-एनसीआर समेत देश के बड़े मैदानी हिस्सों से मॉनसून के नमी वाले बादल खिसककर पहाड़ों की तरफ चले गए। मैदानी इलाकों से बादलों के पहाड़ों की ओर रुख करने की वजह से ही पहाड़ी राज्यों में अचानक बारिश का कोहराम मच गया और वहां बाढ़ व भूस्खलन जैसी आपदाएं बढ़ गईं। अब एक बार फिर हवाओं के रुख में बदलाव के साथ मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में मौसमी गतिविधियां तेज होने जा रही हैं।