देशभर में मॉनसून की रफ्तार तेज हो गई है। मौसम विभाग ने 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहीं हिमाचल और उत्तराखंड में रेड अलर्ट के साथ भारी तबाही की आशंका है।
देशभर में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है और अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। झमाझम हो रही तेज बारिश की वजह से जहां एक तरफ लोगों को पिछले कई दिनों से जारी भीषण और उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ यह बारिश अब आफत बनती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 20 जुलाई को देश के 17 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 6-7 दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण मैदानी इलाकों में जलभराव और बाढ़, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में खतरनाक भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का संकट लगातार गहराता जा रहा है।
दिल्ली-NCR: पांच साल की सबसे गर्म रात के बाद बरसीं राहत की बूंदें
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सोमवार सुबह-सुबह हुई बारिश ने मौसम का रुख बदल दिया, जिससे स्थानीय निवासियों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली। गौरतलब है कि दिल्ली में रविवार की रात पिछले 5 सालों में जुलाई महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई थी, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से कहीं अधिक 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हालांकि, सोमवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आज दिनभर दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक और तेज आंधी-तूफान के साथ रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है।
उत्तर प्रदेश और बिहार: अगले पांच दिनों तक भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
उत्तर भारत के दो बड़े राज्यों, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मॉनसून पूरी तरह मेहरबान है, लेकिन साथ ही यहां प्रशासनिक सतर्कता भी बढ़ा दी गई है:
उत्तर प्रदेश का मौसम: यूपी में 20 से 25 जुलाई के दौरान पूरे सूबे में व्यापक रूप से बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से 20 से 22 जुलाई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके बाद, 23 से 25 जुलाई के बीच पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार का हाल: बिहार के लगभग सभी प्रमुख जिलों—जैसे पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया में 20 और 21 जुलाई को झमाझम बारिश होने के आसार हैं। इसके बाद मौसम का मिजाज और कड़ा होगा, जहां 21 से 24 जुलाई के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा करने वाली भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
राजस्थान में झमाझम दौर, पश्चिम बंगाल में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
मरुभूमि राजस्थान में भी मॉनसून की झड़ी लगी हुई है। राज्य में 20 से 25 जुलाई के दौरान अधिकांश इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम केंद्र के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान में 20 से 25 जुलाई और पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में 21 से 24 जुलाई के बीच भारी बारिश, तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।
उधर, पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों (उत्तरी बंगाल) में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अगले दो दिनों तक पहाड़ी क्षेत्रों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। विशेष रूप से जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में प्रशासन ने अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को नदी तटों और ढलान वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
हिमाचल और उत्तराखंड में ‘रेड अलर्ट’, बंद किए गए स्कूल
पहाड़ी राज्यों में मॉनसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने दो दिनों का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने सूबे के तीन संवेदनशील जिलों—सिरमौर, कांगड़ा और चंबा में आज सभी सरकारी और निजी स्कूलों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया है। हिमाचल में सबसे ज्यादा तबाही चंबा जिले में देखने को मिली है, जहां उफनते नदी-नालों और लगातार हो रहे लैंडस्लाइड के कारण प्रसिद्ध ‘मणिमहेश यात्रा’ को अगले तीन दिनों के लिए एहतियातन रोक दिया गया है।
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी कुदरत का कहर जारी है और यहां भी भारी बारिश का रेड अलर्ट लागू है। राजधानी देहरादून और टिहरी गढ़वाल में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए आज स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। पहाड़ी रास्तों पर मलबा आने से कई राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ और उधमपुर में नदियां उफान पर, जनजीवन अस्त-व्यस्त
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से भी तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं। पुंछ और उधमपुर जिलों में मूसलाधार बारिश के बाद सभी नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे रिहायशी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। उधमपुर में उफनती नदी के तेज बहाव में एक संपर्क पुल (ब्रिज) टूट गया है, जिसके कारण दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है और लोग अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के लगभग सभी जिलों में 20 से 23 जुलाई तक मौसम खराब रहेगा, जिसमें 20 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश और तेज अंधड़ चलने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है।