पंजाब सरकार ने ‘मिशन क्लीन पंजाब’ लॉन्च किया है। अब अधिकारी हर सुबह 7-8 बजे तक फील्ड में रहकर करेंगे सफाई की निगरानी। एआई आधारित ऐप और औचक निरीक्षण से बढ़ेगी जवाबदेही।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। सरकार ने ‘मिशन क्लीन पंजाब’ की शुरुआत की है, जिसके तहत अब राज्य के सभी नागरिक निकायों (Civic Bodies) के अधिकारी और कर्मचारी हर सुबह 7 बजे से 8 बजे तक अनिवार्य रूप से फील्ड में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री का यह विजन स्पष्ट है—पंजाब का हर शहर और कस्बा न केवल स्वच्छ दिखे, बल्कि नागरिकों को बेहतर और सुलभ सिविक सेवाएं मिलें।
तकनीक और जवाबदेही का नया मॉडल
Under the leadership of CM @BhagwantMann, the Punjab Government has launched “Mission Clean Punjab” , a cleanliness initiative under which civic officials will conduct mandatory field inspections every morning from 7 AM to 8 AM. Backed by AI-enabled monitoring, surprise… pic.twitter.com/zVzWfCjdI6
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 9, 2026
इस मिशन की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘टेक्नोलॉजी-ड्रिवन’ होना है। इसे केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि स्वच्छता के लिए एक “दैनिक युद्ध” के रूप में देखा जा रहा है।
- एआई-आधारित निगरानी: पूरे राज्य में स्वच्छता कार्यों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए एआई (AI) इंटीग्रेटेड मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा।
- अधिकारियों की जिम्मेदारी: म्यूनिसिपल कमिश्नर से लेकर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर तक, सभी को 10 किलोमीटर के जोन में बांटा गया है। इन अधिकारियों को हर हाल में सुबह 7 बजे से 8 बजे तक अपनी लोकेशन पर मौजूद रहकर सफाई व्यवस्था की निगरानी करनी होगी।
- अचानक औचक निरीक्षण: मुख्यमंत्री और स्थानीय निकाय मंत्री किसी भी समय किसी भी अधिकारी को वीडियो कॉल कर सकते हैं या औचक निरीक्षण (Surprise Checks) कर सकते हैं। इसके लिए सभी अधिकारियों के पास इंटरनेट और कैमरा युक्त स्मार्टफोन होना अनिवार्य कर दिया गया है।
साप्ताहिक रैंकिंग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा
‘मिशन क्लीन पंजाब’ के तहत शहरों के बीच स्वच्छता को लेकर एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करने की भी योजना है। हर सप्ताह शहरों की सफाई प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग की जाएगी। जो शहर अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, वहीं लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीएम मान का स्पष्ट संदेश: “बहाने नहीं, परिणाम चाहिए”
मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर कार्य करते हुए स्थानीय निकाय विभाग ने एक ‘वॉर रूम’ भी स्थापित किया है। यह विभाग का मुख्य केंद्र होगा, जहाँ से पूरे राज्य की स्वच्छता गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाएगी। सरकार का स्पष्ट रुख है कि अब किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़कों से कचरा हटाना, सीवर ब्लॉकज को ठीक करना और खाली प्लॉटों की सफाई अब अधिकारियों की प्राथमिक जवाबदेही होगी।
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य पंजाब के शहरी बुनियादी ढांचे को स्वच्छ और आधुनिक बनाना है, ताकि हर नागरिक को एक स्वस्थ और सुंदर वातावरण मिल सके। भगवंत मान सरकार का यह मॉडल न केवल जवाबदेही सुनिश्चित करेगा, बल्कि पंजाब की स्वच्छता रैंकिंग को राष्ट्रीय स्तर पर भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।