Table of Contents
केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने चेन्नई में Garuda Aerospace की स्वदेशी कृषि-ड्रोन फैक्ट्री और 300 उत्कृष्टता केंद्रों का उद्घाटन किया, जानिए विस्तार से।
भारत में ड्रोन तकनीक को आत्मनिर्भर और उन्नत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने Garuda Aerospace की नई कृषि-ड्रोन स्वदेशीकरण फैक्ट्री और देशभर में 300 उत्कृष्टता केंद्रों (Centers of Excellence) का चेन्नई में उद्घाटन किया। इस अवसर पर DGCA अनुमोदित ‘Train The Trainer’ (TTT) कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई।
आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम – 1 लाख मेड इन इंडिया ड्रोन का लक्ष्य
Garuda Aerospace के सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश ने बताया कि “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हमें 2026 तक 1 लाख भारत-निर्मित ड्रोन बनाने का विजन दिया था। अब तक 4,000 ड्रोन बना चुके हैं, और अगले दो वर्षों में लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
यह नई सुविधा 35,000 वर्ग फीट में फैली है और यह भारत की पहली अत्याधुनिक Agri Drone Swadeshi Manufacturing Unit है, जिसमें डिज़ाइन से लेकर परीक्षण तक की सभी प्रक्रिया एक छत के नीचे होती है।
कृषि ड्रोन और कौशल विकास की दिशा में बड़ा विस्तार
इस उद्घाटन समारोह के दौरान 2,000 से अधिक कृषि ड्रोन की झलक ने मंत्री पासवान को प्रभावित किया। उन्होंने कहा, “मैंने कभी एक ही स्थान पर इतने कृषि ड्रोन नहीं देखे, यह भारत की ड्रोन शक्ति का प्रतीक है।”
भारत ड्रोन एसोसिएशन के सहयोग से इस स्वदेशी निर्माण इकाई ने स्थानीय पुर्जा निर्माताओं को एक साथ लाकर आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने का कार्य किया है।
300 Excellence Centers और TTT प्रोग्राम से मिलेगा कौशल को बढ़ावा
Garuda Aerospace ने Train The Trainer (TTT) कार्यक्रम के साथ-साथ 300 Centers of Excellence (CoEs) भी लॉन्च किए हैं, जो देशभर में शिक्षण, अनुसंधान और ड्रोन इनोवेशन को बढ़ावा देंगे। ये केंद्र शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर ड्रोन तकनीक में स्किल डेवलपमेंट और R&D को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
For more news: India