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मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में ‘सहकार संवाद’ किया, त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना, डेयरी क्षेत्र में नवाचार, प्राकृतिक खेती और किसानों के लिए नई योजनाओं पर चर्चा की। जानिए कैसे सहकारिता मंत्रालय देश के किसानों और ग्रामीणों के जीवन में ला रहा बदलाव।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर अहमदाबाद में गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान की सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी माताओं, बहनों और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ ‘सहकार संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने त्रिभुवनदास पटेल के नाम पर त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी के स्थापना की जानकारी दी, जिसका उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र में पेशेवर युवाओं को तैयार करना है।
त्रिभुवनदास पटेल और सहकारिता क्षेत्र में उनका योगदान
मंत्री अमित शाह ने कहा कि त्रिभुवनदास पटेल ने सही मायनों में भारत में सहकारिता की नींव रखी। उन्होंने ‘अमूल’ जैसे सफल उदाहरण का जिक्र करते हुए बताया कि गुजरात की डेयरी क्षेत्र में 36 लाख से अधिक महिलाएं 80 हजार करोड़ रुपये का व्यापार कर रही हैं। अमित शाह ने कहा कि त्रिभुवनदास जी का योगदान इतना बड़ा है कि त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी का नाम उनके सम्मान में रखा गया है।
डेयरी क्षेत्र में नवाचार और सहकारी समितियों का विकास
मंत्री अमित शाह ने डेयरी क्षेत्र में गोबर प्रबंधन, पशुओं के खानपान व स्वास्थ्य, और गोबर से आय बढ़ाने के उपायों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन से जुड़ी अधिकांश परिवार सहकारी समितियों से जुड़ेंगे और उनके गोबर का उपयोग ऑर्गेनिक खाद और बायोगैस के उत्पादन में होगा। पशुओं के टीकाकरण सहित अनेक योजनाएं सहकारी संस्थाओं तक पहुंचाई जाएंगी।
पैक्स को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा
मंत्री अमित शाह ने कहा कि सभी पैक्स को CSC, माइक्रो एटीएम, बैंक मित्र, हर घर नल सहित लगभग 25 गतिविधियों से जोड़ा गया है। जन औषधि केन्द्र के माध्यम से गांवों में सस्ती और किफायती दवाओं की उपलब्धता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
किसानों को लाभ देने के लिए कदम
मंत्री अमित शाह ने मक्का और दलहन किसानों को मोदी सरकार की योजनाओं से जोड़ने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी फसलों की खरीद के लिए एनसीसीएफ के ऐप का उपयोग करने की सलाह दी। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया गया, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण
मंत्री अमित शाह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी व जल संरक्षण होता है और उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय ने प्राकृतिक खेती से उपजाए गए अनाज की खरीद के लिए राष्ट्रीय सहकारी संस्था बनाई है, जो किसानों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करेगी।
ऊंटनी के दूध के औषधीय गुणों पर शोध
मंत्री अमित शाह ने ऊंटनी के दूध के औषधीय गुणों पर चल रहे शोध कार्य का उल्लेख करते हुए बताया कि राजस्थान और गुजरात सरकारें मिलकर ऊंट पालन को बढ़ावा देने के लिए योजना बना रही हैं, जिससे ऊंटनी के दूध की कीमत और संरक्षण दोनों सुनिश्चित होंगे।
देश के गरीबों और किसानों के लिए सहकारिता मंत्रालय का योगदान
मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय गरीबों, किसानों और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। उन्होंने इस मंत्रालय को अपने लिए बहुत बड़ा विभाग बताते हुए कहा कि यह देश की आर्थिक समृद्धि में अहम भूमिका निभा रहा है।
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