MCD सदन की बैठक में AAP पार्षदों ने दिल्ली की खराब सफाई व्यवस्था, जलभराव और डेंगू-मलेरिया के बढ़ते खतरे का मुद्दा उठाया। अंकुश नारंग ने जमीनी स्तर पर ठोस व्यवस्था की मांग की।
दिल्ली नगर निगम (MCD) सदन की आज हुई बैठक में आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने राजधानी की बदहाल सफाई व्यवस्था, जगह-जगह जलभराव और डेंगू-मलेरिया के बढ़ते खतरे समेत कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। AAP पार्षदों ने भाजपा शासित MCD से मांग की कि दिल्ली के लोगों को केवल घोषणाओं और आश्वासनों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस व्यवस्थाओं की जरूरत है। पार्टी ने कहा कि राजधानी में बारिश के दौरान जलभराव और सफाई व्यवस्था की खराब स्थिति सीधे तौर पर लोगों के रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर रही है।
सफाई व्यवस्था को लेकर MCD पर सवाल
AAP नेताओं ने दिल्ली में सफाई व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजधानी के कई इलाकों में नियमित रूप से कूड़ा उठाने की व्यवस्था प्रभावी नहीं दिखाई दे रही है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरा न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित करता है, बल्कि बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
पार्षदों ने MCD से मांग की कि कूड़ा उठाने की व्यवस्था को मजबूत किया जाए और सफाई कर्मचारियों तथा संबंधित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। AAP का कहना है कि दिल्लीवासियों को साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है और इस दिशा में केवल दावों के बजाय नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
जलभराव की समस्या पर भी घेरा
आज आयोजित एमसीडी सदन की बैठक में “आप” पार्षदों ने दिल्ली की बदहाल सफाई व्यवस्था, जगह-जगह जलभराव, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते खतरे और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाया।
“आप” पार्षदों ने भाजपा शासित MCD से मांग की कि दिल्ली की जनता को सिर्फ खोखले दावे नहीं, बल्कि… pic.twitter.com/wwDPBohj4S
— Ankush Narang (@AnkushNarang_) August 24, 2026
MCD सदन की बैठक में AAP पार्षदों ने दिल्ली में बारिश के बाद होने वाले जलभराव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। पार्टी का आरोप है कि राजधानी के कई हिस्सों में बारिश होते ही सड़कें पानी से भर जाती हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
AAP ने MCD से जलभराव वाले इलाकों की पहचान कर वहां स्थायी और प्रभावी समाधान लागू करने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए केवल अस्थायी इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर पंपिंग जैसी व्यवस्थाओं को पहले से मजबूत करना जरूरी है।
डेंगू और मलेरिया के खतरे पर चिंता
बैठक में AAP पार्षदों ने डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को लेकर भी चिंता जताई। बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में निगम की जिम्मेदारी है कि वह समय रहते फॉगिंग, एंटी-लार्वा अभियान और साफ-सफाई जैसी गतिविधियों को प्रभावी तरीके से लागू करे।
AAP ने मांग की कि संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी की जाए और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए MCD को पहले से तैयारी करनी चाहिए, ताकि दिल्ली के नागरिकों को मौसमी बीमारियों से बचाया जा सके।
अंकुश नारंग ने जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरा
AAP नेता और पार्षद अंकुश नारंग ने MCD सदन में दिल्लीवासियों से जुड़े इन मुद्दों को मजबूती से उठाने पर जोर दिया। उनके अनुसार, नगर निगम का काम केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना भी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के नागरिकों को बेहतर सफाई, सुचारु जल निकासी और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए MCD को ठोस कदम उठाने चाहिए।
अंकुश नारंग और AAP पार्षदों ने भाजपा शासित MCD से जवाबदेही तय करने और नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि सदन में विपक्ष की भूमिका केवल विरोध करना नहीं, बल्कि दिल्ली की जनता की समस्याओं को मजबूती से सामने रखना भी है।
‘खाली वादे नहीं, जमीनी व्यवस्था चाहिए’
AAP ने भाजपा शासित MCD पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की जनता को केवल आश्वासन और वादे नहीं चाहिए। नागरिकों को अपने आसपास साफ सड़कें, बेहतर कचरा प्रबंधन, जलभराव से राहत और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए प्रभावी व्यवस्था चाहिए।
पार्टी ने कहा कि दिल्ली के नागरिकों की समस्याओं को राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। नगर निगम को वार्ड स्तर पर समस्याओं की पहचान करके उनका समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। AAP पार्षदों ने सदन में इस बात पर जोर दिया कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर MCD प्रशासन को जवाबदेह बनाया जाए।
सदन में जनता की आवाज उठाता रहेगा AAP
AAP ने स्पष्ट किया कि वह दिल्ली के नागरिकों के अधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को MCD सदन में लगातार उठाती रहेगी। पार्टी के मुताबिक, सफाई व्यवस्था, जलभराव, डेंगू-मलेरिया की रोकथाम और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाएं सीधे तौर पर दिल्लीवासियों के जीवन से जुड़ी हैं।
पार्टी ने कहा कि वह इन मुद्दों पर मजबूती से अपनी आवाज उठाती रहेगी और MCD से ठोस कार्रवाई की मांग करती रहेगी। वहीं, अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि भाजपा शासित MCD इन मांगों पर क्या कदम उठाता है और दिल्ली की सफाई तथा जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से काम किया जाता है।