पंजाब के सरकारी स्कूलों के NEET और JEE में सफल छात्रों के प्राचार्यों से मुलाकात के दौरान मनीष सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, शिक्षकों को सम्मान और बेहतर संसाधनों के कारण सरकारी स्कूलों के छात्र बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब सरकार के शिक्षा सलाहकार मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को पंजाब के विभिन्न हिस्सों से आए उन सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों से मुलाकात की, जिनके छात्रों ने इस वर्ष NEET और JEE जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता केवल छात्रों की मेहनत का परिणाम नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में हुए सकारात्मक बदलाव का भी प्रमाण है।
‘सपने पहले भी थे, बदला है सिर्फ सिस्टम’
मनीष सिसोदिया ने कहा कि छात्रों के सपने पहले भी थे और मेहनत भी पहले की तरह होती थी, लेकिन अब सबसे बड़ा बदलाव शिक्षा व्यवस्था में आया है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा माहौल तैयार हुआ है, जहां शिक्षकों को स्वतंत्रता के साथ पढ़ाने का अवसर, आवश्यक संसाधन और सम्मान मिल रहा है। उनके अनुसार, जब शिक्षा व्यवस्था शिक्षक के साथ मजबूती से खड़ी होती है, तो उसका सीधा लाभ छात्रों को मिलता है।
‘शिक्षक को सम्मान और संसाधन मिलेंगे तो बदलेंगे नतीजे’
आज पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से आए उन प्रिंसिपलों से मिला, जिनके स्कूलों के बच्चों ने इस साल NEET और JEE में शानदार सफलता हासिल की।
सपने तो पहले भी थे, मेहनत भी पहले थी। जो बदला है, वो है सिस्टम। पहली बार ऐसा माहौल बना है जहाँ शिक्षक को पढ़ाने की आज़ादी, संसाधन और सम्मान मिला है।… pic.twitter.com/ZhULUae3Rz
— Manish Sisodia (@msisodia) July 30, 2026
सिसोदिया ने कहा कि किसी भी शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी ताकत उसके शिक्षक होते हैं। यदि शिक्षकों को बेहतर वातावरण, आधुनिक संसाधन और निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी जाए तो वे छात्रों की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का फोकस सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने और शिक्षकों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर है।
‘सरकारी स्कूलों के बच्चे भी जीत सकते हैं हर बड़ी परीक्षा’
मनीष सिसोदिया ने कहा कि लंबे समय तक यह धारणा रही कि केवल निजी स्कूलों के छात्र ही NEET और JEE जैसी परीक्षाओं में बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। लेकिन पंजाब के सरकारी स्कूलों के छात्रों ने इस सोच को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि जब सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देती है और शिक्षक पूरी निष्ठा से काम करते हैं, तब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
शिक्षा सुधारों का दिख रहा असर
सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों का असर अब परिणामों में साफ दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को नई पहचान दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में पंजाब के और अधिक सरकारी स्कूलों के छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करेंगे।
शिक्षकों के प्रयासों की सराहना
बैठक के दौरान मनीष सिसोदिया ने सभी प्राचार्यों और शिक्षकों की मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रों की उपलब्धियों के पीछे शिक्षकों का समर्पण और मार्गदर्शन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब के शिक्षक आगे भी इसी तरह विद्यार्थियों का भविष्य संवारते रहेंगे और राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे।