मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महान फिल्म निर्माता सत्यजीत रे की जयंती पर उन्हें नमन किया। जानें कैसे रे ने ‘पाथेर पांचाली’ और ‘अपु ट्रिलॉजी’ के जरिए भारतीय सिनेमा को दुनिया भर में पहचान दिलाई।
सत्यजीत रे की जयंती पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भावभीनी श्रद्धांजलि
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को विश्व प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और महान साहित्यकार सत्यजीत रे की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर मुख्यमंत्री ने लिखा, “विश्व प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक, प्रख्यात साहित्यकार और बंगालियों के गौरव सत्यजीत रे की जन्म जयंती पर मैं उन्हें सादर नमन करती हूँ। उनकी कालजयी रचनाएँ न केवल बंगाली सिनेमा के लिए बल्कि विश्व सिनेमा के इतिहास के लिए भी एक अमूल्य संपत्ति हैं।” ममता बनर्जी ने सिनेमा और साहित्य के क्षेत्र में उनके स्थायी योगदान को याद करते हुए उन्हें भारत का गौरव बताया।
भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने वाले महान शिल्पकार
2 मई, 1921 को कोलकाता में जन्मे सत्यजीत रे भारत की सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक हस्तियों में से एक हैं। वह न केवल एक अग्रणी फिल्म निर्माता थे, बल्कि एक लेखक, चित्रकार, संगीतकार और सुलेखक (Calligrapher) भी थे। रे ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी पहली फिल्म ‘पाथेर पांचाली’ और बहुप्रशंसित ‘अपु ट्रिलॉजी’ ने अपनी मानवीय कहानी और जीवन के यथार्थवादी चित्रण के लिए अंतर्राष्ट्रीय ख्याति अर्जित की।
साहित्य और सिनेमा का संगम: फेलुदा से भारत रत्न तक
सत्यजीत रे की रचनात्मक प्रतिभा फिल्मों से परे साहित्य और कला के अन्य क्षेत्रों में भी फैली हुई थी। उन्होंने ‘फेलुदा’ जैसे प्रतिष्ठित काल्पनिक किरदारों को जन्म दिया और बाल साहित्य में भी उनका विशेष योगदान रहा। उनकी फिल्में जैसे ‘चारुलता’ और ‘महानगर’ को ऐसी उत्कृष्ट कृतियों के रूप में देखा जाता है, जो वास्तविकता और भावनात्मक गहराई का अद्भुत मिश्रण हैं। अपने जीवनकाल में रे को एकेडमी मानद पुरस्कार (ऑस्कर) और भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ सहित अनगिनत सम्मानों से नवाजा गया, जो विश्व सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान का प्रमाण हैं।