मालवीय नगर अग्निकांड: 21 मौतों के बाद उठा सिस्टम पर सवाल, ‘जवाबदेही’ तय करने की मांग

मालवीय नगर अग्निकांड: 21 मौतों के बाद उठा सिस्टम पर सवाल, 'जवाबदेही' तय करने की मांग

 

दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत। सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर AAP ने सरकार को घेरा। जानिए हादसे के पीछे की पूरी सच्चाई और प्रशासन का हाल।

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित ‘फ्लोरिश स्टे’ (Flourish Stay) होटल में बुधवार को लगी भीषण आग ने पूरी राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। दिल्ली में लगातार हो रही आगजनी की इन घटनाओं ने एक बार फिर शहर के सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक ढिलाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे का विवरण और लापरवाही

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जिस होटल में आग लगी, वहां सुरक्षा के मानकों की घोर अनदेखी की गई थी। इमारत में केवल छह कमरों की अनुमति थी, जबकि वहां नियमों को ताक पर रखकर 20 से अधिक कमरे चलाए जा रहे थे। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि पूरी इमारत में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था, जिससे आग लगने के दौरान लोग फंस गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया है और उस पर गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide) का मामला दर्ज किया गया है।

AAP ने उठाए सवाल, व्यवस्था पर साधा निशाना

आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना को ‘अंतर्राष्ट्रीय शर्मिंदगी’ करार देते हुए शासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि दमकल विभाग की गाड़ियां घटना स्थल पर काफी देर से पहुंचीं। भारद्वाज ने दिल्ली में बढ़ रही आग की घटनाओं—जैसे पालम और विवेक विहार—का जिक्र करते हुए कहा कि राजधानी में प्रशासन का ‘कोई उत्तरदायित्व’ नहीं बचा है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना को अत्यंत चिंताजनक बताया है और बार-बार हो रही मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।

क्या है प्रशासन का रुख?

विपक्ष के हमलों और जनता के आक्रोश के बीच, दिल्ली सरकार ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने घोषणा की है कि दिल्ली में ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) नीति को आधिकारिक रूप से वापस लिया जा रहा है और इस योजना के तहत चल रहे सभी प्रतिष्ठानों की गहन समीक्षा की जाएगी। वहीं, एमसीडी (MCD) ने भी मालवीय नगर और दक्षिण जोन में सभी अनधिकृत व्यावसायिक इमारतों को सील करने का अभियान शुरू करने की बात कही है।

बड़ा प्रश्न: जवाबदेही कब?

सवाल यह है कि आखिर दिल्ली में बार-बार आग की घटनाएं क्यों हो रही हैं? यदि सुरक्षा मानक पहले से तय थे, तो इनका पालन क्यों नहीं हो रहा? अगर अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था, तो संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की? दिल्ली के लोग अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और एक ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं जहाँ जानमाल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

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