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हरियाणा सरकार ने ‘मेक इन हरियाणा’ नीति लॉन्च की। 5 लाख करोड़ का निवेश और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य। जानें कैसे ये नीतियां हरियाणा को ग्लोबल हब बनाएंगी।
हरियाणा सरकार ने राज्य को वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने के अपने संकल्प को और मजबूत करते हुए आज एक नई औद्योगिक यात्रा का सूत्रपात किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में राज्य की फ्लैगशिप ‘मेक इन हरियाणा’ (Make in Haryana) औद्योगिक नीति और 9 अन्य सेक्टर-विशिष्ट नीतियों का आधिकारिक शुभारंभ किया। यह पहल न केवल निवेश को बढ़ावा देगी, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी सृजित करेगी।
औद्योगिक विकास का नया रोडमैप
सरकार द्वारा पेश की गई ये नीतियां ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार की गई हैं। इन नीतियों का मुख्य लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना है। ‘मेक इन हरियाणा’ नीति पुराने औद्योगिक ढांचे को बदलकर एक गतिशील प्रणाली पेश करती है, जो राज्य के हर ब्लॉक में आर्थिक विकास सुनिश्चित करेगी।
‘स्मार्ट इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल’ से आसान होगा निवेश
निवेश को बढ़ावा, उद्योगों को नई ऊर्जा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर – हरियाणा सरकार की मेक इन हरियाणा नीति और अन्य सेक्टोरल नीतियां प्रदेश को आर्थिक विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार हैं।#Haryana #DIPRHaryana #MakeInHaryana pic.twitter.com/fEkc5LZ0in
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 1, 2026
निवेशकों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री ने ‘स्मार्ट इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल’ का भी अनावरण किया। यह पोर्टल सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को सभी जरूरी सरकारी मंजूरियां और प्रोत्साहन एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगा। इससे लालफीताशाही खत्म होगी और पारदर्शी तरीके से उद्योग स्थापित करने में मदद मिलेगी।
नई नीतियों के प्रमुख स्तंभ:
- सेक्टर-विशिष्ट फोकस: ऑटोमोबाइल, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, हरित ऊर्जा (Green Industry), डेटा सेंटर और एग्री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है।
- भविष्य की तकनीक: नई नीतियों में एआई (AI), सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों को केंद्र में रखा गया है।
- समान विकास: नई वर्गीकरण प्रणाली के तहत, वित्तीय प्रोत्साहन अब हर प्रशासनिक ब्लॉक तक पहुंचेंगे, जिससे केवल मुख्य शहरों का ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा का औद्योगिक विकास होगा।
- एमएसएमई (MSMEs) को संबल: लघु और मध्यम उद्योगों को मजबूत करने के लिए विशेष सब्सिडी और ढांचागत सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री का विजन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “‘मेक इन हरियाणा’ केवल एक नीति नहीं है, बल्कि हरियाणा के आर्थिक भविष्य का रोडमैप है। हम राज्य को विनिर्माण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्लोबल हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और पारदर्शी नीतियों के कारण हरियाणा आज निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुए नए एमओयू (MoUs) इस बात का प्रमाण हैं कि हरियाणा की औद्योगिक विकास यात्रा पर देश और दुनिया का भरोसा अटूट है।