महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के साथ बैठक कर चीनी और प्याज किसानों की समस्याओं पर चर्चा की। जानिए क्या हुए बड़े फैसले।
हाल ही में नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस देवेंद्र फडणवीस देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें राज्य के गन्ना और प्याज किसानों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन मिला है। इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के साथ-साथ राज्य के कई वरिष्ठ मंत्री और सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र, विशेषकर चीनी मिलों और प्याज उत्पादक किसानों की आर्थिक चुनौतियों का स्थायी समाधान खोजना था।
चीनी उद्योग के लिए नई उम्मीदें और नीतिगत बदलाव
बैठक के दौरान चीनी उद्योग की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि केंद्र सरकार ने चीनी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में संशोधन करने पर सहमति व्यक्त की है। यह लंबे समय से किसानों और मिल मालिकों की मुख्य मांग थी। इसके अलावा, एथेनॉल कोटा बढ़ाने के मुद्दे पर भी केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि अगले दो महीनों के भीतर एथेनॉल कोटे में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है, जिससे चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
सरकार ने चीनी मिलों के ऋण पुनर्गठन (Loan Restructuring) में भी हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। साथ ही, सहकारी मिलों के लिए लंबे समय से लंबित ब्याज सबवेंशन (Interest Subvention) की राशि को तत्काल जारी करने पर केंद्र सरकार ने अपनी सहमति दे दी है। चीनी क्षेत्र में मूल्य विनियमन (Price Regulation) के लिए राज्य सरकार को अपना प्रस्ताव केंद्र को सौंपने के लिए कहा गया है, जिस पर काम जारी है।
प्याज किसानों के लिए सुरक्षा कवच: खरीद और निर्यात नीति
प्याज उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा करना इस बैठक का एक और महत्वपूर्ण एजेंडा था। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्याज की सीधी खरीद के लिए राज्य की मांग को मान लिया है। अब नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) के माध्यम से बिचौलियों के बजाय सीधे किसानों से प्याज की खरीद की जाएगी। राज्य सरकार ने नाफेड और एनसीसीएफ द्वारा प्याज की खरीद की सीमा को मौजूदा 2 लाख टन से बढ़ाकर 10 लाख टन करने का प्रस्ताव दिया है।
घरेलू बाजार में प्याज की कीमतों और उपलब्धता को स्थिर रखने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज के बीजों के निर्यात पर अतिरिक्त अधिभार (Export Surcharge) लगाने के राज्य के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हाल ही में प्याज की खरीद दर को 15.80 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ाया गया था, और भविष्य में इसे और बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, खरीद के दौरान ग्रेडिंग को लेकर किसानों की शिकायतों को दूर करने के लिए मशीनीकृत ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
आम उत्पादकों की समस्याओं पर कृषि मंत्री के साथ विमर्श
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर हापुस (अल्फांसो) आम उत्पादकों की समस्याओं के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को बताया कि वर्तमान में बीमा संबंधी शर्तें आम किसानों के लिए अत्यंत कठिन और प्रतिकूल हैं। फडणवीस ने कहा कि बीमा कंपनियों की जटिल नीतियों के कारण किसानों को मुआवजा मिलने में देरी होती है, जिसे बदलने की आवश्यकता है। कृषि मंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए बीमा कंपनियों के साथ चर्चा करने और किसानों के अनुकूल समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
यह उच्च स्तरीय बैठक महाराष्ट्र के कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी की तरह है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से यह स्पष्ट है कि सरकार न केवल किसानों की समस्याओं को समझ रही है, बल्कि उन्हें सुलझाने के लिए ठोस नीतिगत कदम भी उठा रही है। चाहे वह चीनी मिलों को संकट से बाहर निकालना हो या प्याज किसानों को उचित मूल्य और बाजार प्रदान करना हो, केंद्र सरकार का रुख राज्य के प्रति सहयोगी रहा है। यदि इन निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले समय में महाराष्ट्र के किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी। यह बैठक किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को प्रदर्शित करती है।