Table of Contents
बांग्लादेशी विकेटकीपर लिटन दास ने पाकिस्तान के मोहम्मद रिज़वान पर मैच के बाद हाथ न मिलाने का आरोप लगाया है। जानें क्या है पूरा विवाद और लिटन ने क्या कहा।
हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 2-0 से करारी शिकस्त देकर इतिहास रचा। यह जीत न केवल बांग्लादेशी क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक थी, बल्कि पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका भी रही। सीरीज के दौरान मैदान पर कई बार खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, लेकिन अब सीरीज के खत्म होने के बाद एक नया विवाद सामने आया है। बांग्लादेश के विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन दास ने पाकिस्तान के स्टार खिलाड़ी मोहम्मद रिज़वान पर ‘अव्यावसायिक’ (unprofessional) व्यवहार करने का आरोप लगाया है। लिटन का कहना है कि रिज़वान ने दोनों टेस्ट मैचों के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था।
“मैदान के बाहर सम्मान जरूरी है” – लिटन दास
‘प्रोथॉम आलो’ के साथ एक साक्षात्कार में लिटन दास ने इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान पर जो कुछ भी होता है, वह एक अलग विषय है, लेकिन खेल समाप्त होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों का आपस में हाथ मिलाना एक परंपरा और शिष्टाचार है। लिटन ने दावा किया कि पहले टेस्ट में हार के बाद रिज़वान ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों के साथ हाथ नहीं मिलाया, जो कि बहुत ही गलत था। उन्होंने कहा, “आप चाहे कितने भी बड़े खिलाड़ी क्यों न हों, हार-जीत खेल का हिस्सा है, लेकिन इस तरह का व्यवहार शोभा नहीं देता।” लिटन के अनुसार, यही स्थिति दूसरे टेस्ट मैच के बाद भी दोहराई गई, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
पूरी टीम के प्रति रिज़वान का रवैया
लिटन दास ने केवल अपने साथ हुए वाकये पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि रिज़वान के पूरे बांग्लादेशी टीम के प्रति व्यवहार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि उन्हें मुझसे कोई व्यक्तिगत समस्या हो, लेकिन पूरी बांग्लादेशी टीम ने तो उनके साथ कुछ नहीं किया था।” लिटन ने बताया कि पूरी पाकिस्तानी टीम ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाया, केवल रिज़वान ही ऐसे थे जिन्होंने ऐसा नहीं किया। लिटन ने इसे पूरी तरह से ‘अव्यावसायिक’ करार दिया और कहा कि दोनों टीमें अपने देश के गौरव के लिए खेलती हैं, इसलिए खेल भावना का सम्मान करना प्रत्येक खिलाड़ी की जिम्मेदारी है।
“रिज़वान का समय बर्बाद करने का तरीका पसंद नहीं आया”
मैदान पर हुई नोकझोंक और स्लेजिंग के बारे में बात करते हुए लिटन ने स्वीकार किया कि उन्होंने जानबूझकर रिज़वान को अपना निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि उनके दिमाग में यह बात स्पष्ट थी कि पाकिस्तान की टीम में केवल बाबर आज़म और रिज़वान ही ऐसे दो बल्लेबाज हैं, जो बांग्लादेशी टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। लिटन ने खुलासा किया कि मैच के दौरान मौसम बेहद गर्म था और रिज़वान का ‘समय बर्बाद करने’ का तरीका उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा था। इसी वजह से विकेट के पीछे से उन्होंने रिज़वान को मानसिक रूप से परेशान करने का फैसला किया ताकि वे अपनी टीम को जीत दिला सकें।
खेल भावना और नैतिकता का सवाल
यह विवाद खेल जगत में एक बड़ी बहस का विषय बन गया है। जहाँ एक ओर लिटन दास रिज़वान के आचरण को खेल भावना के विपरीत बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रिज़वान की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि अक्सर पाकिस्तानी खिलाड़ी खेल भावना और शिष्टाचार की बातें करते रहे हैं। उदाहरण के लिए, हाल ही में सलमान आगा ने भारत के साथ सीरीज के दौरान हाथ न मिलाने को लेकर भारत पर खराब उदाहरण पेश करने का आरोप लगाया था। अब जब उन्हीं की टीम के एक प्रमुख खिलाड़ी पर इसी तरह के आरोप लग रहे हैं, तो यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या रिज़वान ने वास्तव में शिष्टाचार का पालन नहीं किया।
फिलहाल, यह पुष्टि करना मुश्किल है कि रिज़वान ने वास्तव में हाथ मिलाया था या नहीं, लेकिन लिटन दास के इन आरोपों ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच हलचल पैदा कर दी है। खेल में प्रतिद्वंद्विता स्वाभाविक है, लेकिन मैदान के बाहर का आदर-सम्मान ही खेल की असली खूबसूरती है। यदि यह आरोप सही हैं, तो निश्चित रूप से यह मोहम्मद रिज़वान की छवि के लिए एक बड़ा धक्का है, क्योंकि एक स्टार खिलाड़ी से उम्मीद की जाती है कि वह हार-जीत के इतर एक आदर्श पेश करे। इस पूरी घटना ने क्रिकेट के मैदान पर दिखाई देने वाली ‘मैत्री’ और उसके पीछे छिपी ‘कड़वाहट’ की परतों को खोलकर रख दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या रिज़वान इन गंभीर आरोपों का जवाब देते हैं या फिर यह मामला केवल शब्दों के विवाद तक ही सीमित रह जाएगा।