सावन व्रत में बनाएं हेल्दी कुट्टू डोसा, जानें आसान रेसिपी और इसके जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ

सावन व्रत में बनाएं हेल्दी कुट्टू डोसा, जानें आसान रेसिपी और इसके जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ

 

सावन व्रत में रोज़ एक जैसा फलाहार खाने से बचें। जानें कुट्टू डोसा बनाने की आसान रेसिपी, इसके पोषण संबंधी फायदे और व्रत में इसे खाने के स्वास्थ्य लाभ।

सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना और व्रत-उपवास के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान अधिकांश लोग फलाहार और व्रत के नियमों का पालन करते हैं। हालांकि, कई बार व्रत में रोज़-रोज़ कुट्टू की पूरी, पकौड़े या साबूदाना खिचड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन खाते-खाते स्वाद में एकरसता आ जाती है। ऐसे में यदि आप कुछ नया, हेल्दी और स्वादिष्ट ट्राई करना चाहते हैं, तो कुट्टू डोसा (Kuttu Dosa) एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह रेसिपी न केवल स्वाद से भरपूर है, बल्कि कम तेल में जल्दी तैयार हो जाती है और लंबे समय तक पेट भी भरा रखती है।

क्यों खास है कुट्टू डोसा?

कुट्टू डोसा पारंपरिक दक्षिण भारतीय डोसे का व्रत-फ्रेंडली रूप है। इसे बनाने के लिए न तो चावल और दाल भिगोने की जरूरत होती है और न ही लंबे समय तक बैटर तैयार करने का इंतजार करना पड़ता है। केवल कुछ आसान सामग्री के साथ कुछ ही मिनटों में इसका बैटर तैयार किया जा सकता है।

इस डोसे की खासियत यह है कि यह बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से मुलायम होता है। अगर इसमें हल्के मसालों से तैयार आलू की स्टफिंग भर दी जाए, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। यह नाश्ते, दोपहर के भोजन या शाम के हल्के भोजन के रूप में भी खाया जा सकता है।

कुट्टू के आटे के पोषण गुण

कुट्टू का आटा व्रत के दौरान सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले अनाजों में से एक माना जाता है। हालांकि नाम से यह गेहूं जैसा लगता है, लेकिन वास्तव में यह ग्लूटेन-फ्री होता है और पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, आयरन, जिंक, फाइबर और मैग्नीशियम पाए जाते हैं। यही कारण है कि व्रत के दौरान शरीर को आवश्यक ऊर्जा देने में यह काफी मददगार माना जाता है। कुट्टू का सेवन लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद करता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती।

कुट्टू डोसा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

कुट्टू डोसा बनाने के लिए आपको ज्यादा सामग्री की आवश्यकता नहीं होती। सामान्यतः इसके लिए चाहिए:

कुट्टू का आटा
उबले हुए आलू
सेंधा नमक
हरी मिर्च (वैकल्पिक)
काली मिर्च पाउडर
जीरा
बारीक कटी हरी धनिया
पानी
घी या थोड़ा सा तेल

यदि व्रत में दही का सेवन करते हैं, तो बैटर को थोड़ा मुलायम बनाने के लिए थोड़ा दही भी मिलाया जा सकता है।

ऐसे तैयार करें कुट्टू डोसा

सबसे पहले एक बर्तन में कुट्टू का आटा लें और उसमें धीरे-धीरे पानी मिलाकर पतला और बिना गांठ वाला बैटर तैयार करें। इसमें सेंधा नमक और थोड़ा जीरा मिला दें। बैटर को कुछ मिनट के लिए रख दें ताकि आटा अच्छी तरह सेट हो जाए।

अब स्टफिंग के लिए उबले हुए आलू को मैश करें और उसमें सेंधा नमक, काली मिर्च, हरी मिर्च और हरी धनिया मिलाकर हल्का मसालेदार मिश्रण तैयार कर लें।

इसके बाद नॉन-स्टिक तवा गर्म करें और हल्का घी लगाकर बैटर को गोल आकार में फैलाएं। जब डोसा नीचे से सुनहरा और कुरकुरा होने लगे, तब बीच में आलू की स्टफिंग रखें और डोसे को मोड़ दें। कुछ सेकंड और सेंकने के बाद गरमागरम परोसें।

किन चीजों के साथ करें सर्व

कुट्टू डोसा को व्रत वाली नारियल चटनी, मूंगफली की चटनी, दही या व्रत की हरी चटनी के साथ परोसा जा सकता है। यदि आप हल्का भोजन पसंद करते हैं, तो इसे बिना स्टफिंग के भी खाया जा सकता है।

इसके साथ ताजा दही या छाछ लेने से भोजन और भी पौष्टिक बन जाता है।

व्रत में क्यों है बेहतर विकल्प?

अधिकांश लोग व्रत के दौरान तली-भुनी चीजें अधिक खाते हैं, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुट्टू डोसा कम तेल में तैयार होता है, इसलिए यह अपेक्षाकृत हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन माना जाता है।

इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है, जबकि प्रोटीन शरीर को ऊर्जा देता है। यही वजह है कि यह पूरे दिन सक्रिय रहने में सहायक हो सकता है।

स्वास्थ्य और स्वाद का बेहतरीन मेल

यदि आप सावन व्रत के दौरान कुछ नया और हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं, तो कुट्टू डोसा एक शानदार विकल्प हो सकता है। यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि पोषण से भी भरपूर है। कम समय में तैयार होने वाली यह रेसिपी उन लोगों के लिए भी उपयुक्त है जो व्यस्त दिनचर्या के बीच व्रत का पालन कर रहे हैं।

हर दिन एक जैसी व्रत की रेसिपी खाने के बजाय कुट्टू डोसा आपके भोजन में नया स्वाद जोड़ सकता है। स्वाद, स्वास्थ्य और सादगी का यह बेहतरीन संयोजन सावन व्रत को और भी आनंददायक बना सकता है।

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