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करोल बाग और आसपास के इलाकों में सरकारी अस्पताल, केंद्रीय विद्यालय और खेल परिसर जैसी सुविधाओं की कमी का मुद्दा विधायक विशेष रवि ने उठाया। CPWD की जर्जर जमीन के विकास की मांग की।
दिल्ली के करोल बाग और आसपास के इलाके घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना एक अहम जरूरत है। स्थानीय विधायक विशेष रवि ने करोल बाग क्षेत्र में सरकारी अस्पताल, केंद्रीय विद्यालय और खेल परिसरों जैसी जनसुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया है।
विशेष रवि के अनुसार, घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में मौजूदा सुविधाएं लोगों की जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) की जमीन मौजूद है, जिसका अभी तक सार्वजनिक हित में पर्याप्त उपयोग नहीं हो पाया है।
CPWD की जमीन पर जर्जर फ्लैटों का मुद्दा
करोल बाग और इसके आस-पास घनी आबादी का क्षेत्र है लेकिन दुर्भाग्य से यहां सरकार की और से अस्पताल, सेंट्रल स्कूल और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।
काफी समय से यहां CPWD की बेकार पड़ी जमीन है जिसमें खंडहर हालत में फ्लैट्स हैं जहाँ कई तरह के गलत काम होते हैं।… pic.twitter.com/rjeYxE7K2B
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 21, 2026
विधायक विशेष रवि ने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी की इस जमीन पर बने कुछ फ्लैट लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। उनके मुताबिक, इन इमारतों की स्थिति खराब होने के कारण यहां विभिन्न तरह की अवैध गतिविधियां होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी जमीन और जर्जर इमारतों का इस्तेमाल स्थानीय जनता के हित में किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि इन पुराने फ्लैटों को हटाकर वहां जरूरी सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएं, तो इससे करोल बाग और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को लाभ मिल सकता है।
केंद्र सरकार से लगातार मांग का दावा
विशेष रवि ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के समय से ही केंद्र सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाया जाता रहा है। उनके अनुसार, मांग रही है कि सीपीडब्ल्यूडी के जर्जर फ्लैटों को ध्वस्त कर उनकी जगह जनता के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं।
उन्होंने कहा कि करोल बाग जैसे घनी आबादी वाले इलाके में सरकारी अस्पताल, केंद्रीय विद्यालय और खेल परिसरों जैसी सुविधाओं की जरूरत है। उनका तर्क है कि उपलब्ध सरकारी जमीन का उपयोग क्षेत्र की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाना चाहिए।
जनता के लिए सुविधाएं विकसित करने की मांग
विशेष रवि ने केंद्र सरकार से मांग की कि सीपीडब्ल्यूडी की जमीन और जर्जर फ्लैटों की स्थिति पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस जमीन को खाली छोड़ने के बजाय स्थानीय निवासियों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्य किए जाने चाहिए।
करोल बाग में जनसुविधाओं को लेकर उठाया गया यह मुद्दा अब केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के सामने कार्रवाई की मांग के रूप में रखा गया है। स्थानीय स्तर पर लोगों की जरूरतों और उपलब्ध सरकारी जमीन के इस्तेमाल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।