गुना में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने छात्रों से युवा संवाद किया। करियर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और राजनीति में अवसरों समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के गुना स्थित क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं, करियर के अवसरों, राजनीति में आने की संभावनाओं और तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के इस्तेमाल जैसे विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम में छात्रों ने भी केंद्रीय मंत्री के सामने अपने सवाल और भविष्य से जुड़ी चिंताएं रखीं। सिंधिया ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देने के साथ-साथ उनकी सोच और अपेक्षाओं को समझने की कोशिश की।
युवाओं के साथ संवाद को बताया ऊर्जा का स्रोत
सिंधिया ने युवाओं के साथ बातचीत को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि युवाओं से संवाद हमेशा नई ऊर्जा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह और प्रतिभा को भारत की ताकत बताया। उनके अनुसार, आज का युवा केवल देश का भविष्य नहीं है, बल्कि वर्तमान में भी भारत के विकास की दिशा को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं की नवाचार क्षमता, ऊर्जा और दृढ़ संकल्प देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सिंधिया ने सोशल मीडिया पर साझा किए अपने संदेश में कहा कि युवा देश के विकास की दिशा को पहले से ही आकार दे रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में देश के युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
करियर और एआई पर छात्रों से चर्चा
‘युवा संवाद’ के दौरान छात्रों के लिए करियर से जुड़े सवाल प्रमुख विषयों में रहे। बदलते रोजगार बाजार और तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों के बीच युवाओं के लिए नए अवसर और चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी संदर्भ में कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। एआई के तेजी से विस्तार ने शिक्षा, रोजगार, तकनीक और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में काम करने के तरीकों को प्रभावित किया है।
छात्रों ने केंद्रीय मंत्री से राजनीति में करियर बनाने और सार्वजनिक जीवन में आने से जुड़े सवाल भी पूछे। सिंधिया ने विद्यार्थियों के प्रश्नों पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके विचारों और भविष्य की योजनाओं को जानने का प्रयास किया। इस तरह कार्यक्रम में युवाओं को अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिला।
युवाओं की भागीदारी पर जोर
देश में युवा आबादी को विकास प्रक्रिया से जोड़ने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार चर्चा होती रही है। शिक्षा, रोजगार, तकनीक, कौशल विकास और सार्वजनिक जीवन में युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दे इस चर्चा के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद को युवाओं के विचार समझने का एक माध्यम माना जाता है।
सिंधिया के गुना कार्यक्रम में भी विद्यार्थियों ने अपने भविष्य से जुड़े विषयों पर सवाल रखे। इससे यह संकेत मिलता है कि युवा केवल रोजगार के अवसरों को लेकर ही नहीं, बल्कि राजनीति और देश की विकास यात्रा में अपनी भूमिका को लेकर भी सवाल पूछ रहे हैं।
इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
सिंधिया के गुना कार्यक्रम के एक दिन बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद किया। यह कार्यक्रम कांग्रेस के छात्र-केंद्रित अभियान का हिस्सा है। राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को राजस्थान के कोटा से इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कांग्रेस की आधिकारिक अभियान वेबसाइट के अनुसार, ‘छात्रों की गूंज’ में पेपर लीक, रोजगार, बढ़ती फीस, परीक्षा का दबाव, शिक्षा के बुनियादी ढांचे और अवसरों की कमी जैसे विषय उठाए गए हैं। अभियान के तहत विद्यार्थियों से उनकी शिक्षा और भविष्य से जुड़ी समस्याओं पर राय भी मांगी गई है।
शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे अभियान के केंद्र में
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के जरिए कांग्रेस ने छात्रों और युवा नौकरी तलाशने वालों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक चर्चा में लाने का प्रयास किया है। अभियान की आधिकारिक सामग्री में पेपर लीक, रोजगार के अवसरों की कमी, शिक्षा की बढ़ती लागत और परीक्षा संबंधी दबाव जैसे विषय शामिल हैं। कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे के बाद इंदौर को भी इस अभियान के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में पेश किया गया।
इंदौर कार्यक्रम से पहले आयोजन स्थल को लेकर भी विवाद सामने आया था। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने क्षेत्रीय पार्क के सामने एक वैकल्पिक जमीन लीज पर ली थी। आयोजन को लेकर प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा से संबंधित कई शर्तों की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
मध्य प्रदेश में युवाओं के मुद्दों पर बढ़ा संवाद
गुना में सिंधिया का ‘युवा संवाद’ और इंदौर में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अलग-अलग राजनीतिक मंचों से युवाओं के साथ संवाद की कड़ी को सामने लाते हैं। दोनों कार्यक्रमों में विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद और उनके सवालों पर चर्चा को महत्व दिया गया। जहां गुना में करियर, एआई, राजनीति और युवाओं की आकांक्षाओं पर बातचीत हुई, वहीं ‘छात्रों की गूंज’ अभियान में शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और छात्र समस्याओं जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा गया।
युवाओं से जुड़े ये विषय आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार, तकनीकी कौशल और सार्वजनिक जीवन से संबंधित नीतिगत बहस का हिस्सा बने रह सकते हैं। छात्रों की अपनी प्राथमिकताएं और अनुभव इस चर्चा को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।