भुवनेश्वर में पुलिसकर्मियों के फोटो-वीडियो बनाने पर सख्ती, संवेदनशील प्रतिष्ठानों में बिना अनुमति रिकॉर्डिंग पर रोक

भुवनेश्वर में पुलिसकर्मियों के फोटो-वीडियो बनाने पर सख्ती, संवेदनशील प्रतिष्ठानों में बिना अनुमति रिकॉर्डिंग पर रोक

 

भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने संवेदनशील प्रतिष्ठानों में बिना अनुमति फोटो और वीडियो बनाने पर रोक लगाई है। सेंट्री ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कमिश्नरेट पुलिस ने संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। 19 सितंबर 2026 को जारी आदेश के तहत ऐसे महत्वपूर्ण स्थानों पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से फोटो नहीं खींच सकेंगे और न ही वीडियो रिकॉर्ड कर सकेंगे। पुलिस प्रशासन ने यह कदम महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को अनजाने में सार्वजनिक होने से रोकने के उद्देश्य से उठाया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को फोटो या वीडियो बनाने से पहले संबंधित सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

सोशल मीडिया पर ड्यूटी से जुड़े वीडियो को लेकर चिंता

कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा अपनी ड्यूटी, तैनाती और कार्यस्थल से संबंधित फोटो और वीडियो सोशल मीडिया तथा अन्य सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर साझा किए जा रहे थे। आम तौर पर ऐसे वीडियो पुलिसकर्मियों की रोजमर्रा की ड्यूटी या कार्यस्थल से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन संवेदनशील प्रतिष्ठानों के मामले में इनके माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी अनजाने में सार्वजनिक होने की आशंका रहती है। किसी वीडियो में सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश और निकास के रास्ते, पुलिसकर्मियों की तैनाती, परिसर की संरचना या अन्य संवेदनशील हिस्से दिखाई दे सकते हैं। ऐसी जानकारी सार्वजनिक होने पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए परेशानी पैदा हो सकती है।

पुलिस प्रशासन ने इसी संभावित जोखिम को देखते हुए फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश का उद्देश्य पुलिसकर्मियों की गतिविधियों को अनावश्यक रूप से सीमित करना नहीं, बल्कि संवेदनशील स्थानों से जुड़ी जानकारी को नियंत्रित रखना है।

बिना अनुमति फोटो और वीडियो बनाने पर रोक

आदेश में कहा गया है कि महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में तैनात पुलिसकर्मी सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करके फोटो नहीं ले सकेंगे और वीडियो रिकॉर्ड नहीं कर सकेंगे। यह प्रतिबंध किसी एक विशेष उद्देश्य तक सीमित नहीं रखा गया है। यानी निजी उपयोग, सोशल मीडिया पोस्ट या किसी अन्य उद्देश्य के लिए भी फोटो या वीडियो बनाने से पहले अनुमति लेना आवश्यक होगा।

इस निर्देश के तहत पुलिसकर्मियों को अपने मोबाइल फोन, कैमरा या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी। यदि किसी आधिकारिक काम के लिए फोटो या वीडियो रिकॉर्ड करना आवश्यक हो, तो इसके लिए संबंधित सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त करनी होगी।

किन महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर लागू होगा आदेश?

कमिश्नरेट पुलिस के आदेश में कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रतिष्ठानों का उल्लेख किया गया है। इनमें लोक भवन, लोक सेवा भवन, श्री लिंगराज मंदिर, ओडिशा विधानसभा, ओडिशा हाईकोर्ट, भारतीय रिजर्व बैंक की ओडिशा शाखा और आर्मरी जैसे स्थान शामिल हैं। इन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े निर्देशों का पालन करना होगा।

इन स्थानों की प्रकृति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां पुलिसकर्मियों की तैनाती के दौरान किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि से बचने को कहा गया है, जिससे परिसर की संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक हो सकती है। आदेश में संबंधित अधिकारियों को भी यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि उनके अधीन काम करने वाले पुलिसकर्मी निर्देशों का पालन करें।

सेंट्री ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन पर भी रोक

कमिश्नरेट पुलिस ने सेंट्री ड्यूटी को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक, सेंट्री ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा ड्यूटी के दौरान सेंट्री का ध्यान पूरी तरह अपने निर्धारित दायित्व पर केंद्रित रहे, इसी उद्देश्य से मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।

सेंट्री ड्यूटी संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा होती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से ध्यान भटकने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। संबंधित प्रतिष्ठानों के इंचार्ज को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी इस नियम का पालन करें।

प्रतिष्ठानों के इंचार्ज की बढ़ी जिम्मेदारी

आदेश के तहत महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के प्रभारी अधिकारियों को निर्देशों के पालन की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि पुलिसकर्मी बिना अनुमति फोटो या वीडियो न बनाएं और सेंट्री ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। यदि किसी तरह का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने होंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल आदेश जारी करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उसकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना भी है। पुलिस प्रशासन ने अधिकारियों को अपने स्तर पर निगरानी रखने और कर्मचारियों को इन निर्देशों की जानकारी देने को कहा है।

नियम तोड़ने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

कमिश्नरेट पुलिस के सभी डीसीपी को भी आदेश अपने नियंत्रण क्षेत्र में आने वाले पुलिसकर्मियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्देशों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा केवल भौतिक सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है। डिजिटल माध्यमों से जानकारी के प्रसार को नियंत्रित करना भी सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में ड्यूटी स्थल की तस्वीर या वीडियो भी कई बार ऐसी जानकारी सामने ला सकता है, जिसे सार्वजनिक करना उचित नहीं होता।

डिजिटल दौर में सुरक्षा को लेकर बढ़ी सतर्कता

भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस का यह आदेश संवेदनशील सरकारी और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल जानकारी की सुरक्षा पर भी जोर देता है। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान जिम्मेदारी और सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से उन स्थानों पर जहां सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण है, वहां फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए पूर्व अनुमति की व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही सेंट्री ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाकर ड्यूटी के दौरान सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया गया है। आदेश का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुलिसकर्मियों की गतिविधियों या सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से संवेदनशील प्रतिष्ठानों से जुड़ी कोई जानकारी अनजाने में सार्वजनिक न हो और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

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