जेसी बोस यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में 3,877 छात्रों को डिग्री, राज्यपाल असीम कुमार घोष ने दिए ₹25 लाख

जेसी बोस यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में 3,877 छात्रों को डिग्री, राज्यपाल असीम कुमार घोष ने दिए ₹25 लाख

 

फरीदाबाद की जेसी बोस यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में 3,877 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शोध के लिए ₹25 लाख अनुदान की घोषणा की।

फरीदाबाद स्थित जे.सी. बोस यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, वाईएमसीए के दीक्षांत समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष शामिल हुए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय से सफलतापूर्वक पाठ्यक्रम पूरा करने वाले कुल 3,877 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

3,877 विद्यार्थियों को प्रदान की गई डिग्री

दीक्षांत समारोह में वर्ष 2024 और 2025 में अपने पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। कुल 3,877 छात्रों ने इस अवसर पर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि का जश्न मनाया।

दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन में महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इस मौके पर विद्यार्थियों के साथ उनके परिवारों और विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षकों में भी उत्साह देखने को मिला।

शोध और विकास के लिए 25 लाख रुपये की घोषणा

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने विश्वविद्यालय में शोध एवं विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपने विवेकाधीन कोष से 25 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की।

इस सहायता का उद्देश्य विश्वविद्यालय में रिसर्च और डेवलपमेंट से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को नए विषयों पर काम करने तथा नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

शिक्षा के साथ शोध पर जोर

दीक्षांत समारोह के दौरान उच्च शिक्षा के साथ-साथ शोध और नवाचार के महत्व पर भी जोर दिया गया। विज्ञान और तकनीक से जुड़े संस्थानों में रिसर्च को बढ़ावा देना देश की तकनीकी क्षमता और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

जे.सी. बोस यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी संस्थानों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ शोध के अवसर उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है। राज्यपाल की ओर से घोषित अनुदान को इसी दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

विद्यार्थियों के लिए नया सफर

डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए दीक्षांत समारोह उनके शैक्षणिक सफर के एक चरण के पूरा होने का प्रतीक रहा। अब ये विद्यार्थी उच्च शिक्षा, शोध, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में अपने करियर की नई शुरुआत कर सकते हैं।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का समाज और देश के विकास में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। विश्वविद्यालय से निकलने वाले युवा भविष्य में विज्ञान, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में योगदान दे सकते हैं।

राज्यपाल ने शोध को बढ़ावा देने का दिया संदेश

प्रो. असीम कुमार घोष की ओर से शोध एवं विकास के लिए 25 लाख रुपये के अनुदान की घोषणा से विश्वविद्यालय में अनुसंधान गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। यह राशि राज्यपाल के विवेकाधीन कोष से दी जाएगी।

दीक्षांत समारोह में 3,877 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान किए जाने के साथ ही शोध को बढ़ावा देने की घोषणा ने कार्यक्रम को खास बना दिया। शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने पर इस दौरान विशेष जोर रहा।

 

 

Related posts

नायब सिंह सैनी का बड़ा संकल्प, 2047 तक देश की अर्थव्यवस्था में 1 ट्रिलियन डॉलर योगदान देगा हरियाणा

सोहना में नशीली दवाओं पर बड़ी कार्रवाई, 49 बोतल कोडीन सिरप और 520 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद

नायब सिंह सैनी बोले- ‘Go Global’ विजन से बदलेगा हरियाणा, India-UK CETA विकास की दिशा में बड़ा पड़ाव

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More