मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने UK CETA को हरियाणा के लिए बड़ा अवसर बताया। सरकार ने 2030-31 तक ₹5 लाख करोड़ निवेश और 10 लाख से अधिक रोजगार का लक्ष्य रखा है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘Haryana UK CETA: Trade Bridge—Unlocking Global Opportunities for Haryana’ कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए राज्य की औद्योगिक और व्यापारिक संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने ‘Go Global’ दृष्टिकोण अपनाया है और भारत-यूके CETA इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस समझौते से हरियाणा के प्रमुख उद्योगों को ब्रिटेन के बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।
UK CETA से हरियाणा के उद्योगों को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच CETA समझौता हरियाणा के कारोबार के लिए नए अवसर खोल सकता है। उन्होंने खास तौर पर टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न एवं आभूषण और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया।
सरकार का मानना है कि ब्रिटेन के बाजार तक बेहतर पहुंच से हरियाणा के उद्योगों को अपने उत्पादों का वैश्विक स्तर पर विस्तार करने में मदद मिलेगी। इससे निर्यात को बढ़ावा देने और राज्य में नए कारोबारी अवसर पैदा करने की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
हरियाणा के 60 साल पूरे होने पर बड़ा निवेश सम्मेलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 नवंबर को हरियाणा अपने गठन के 60 गौरवशाली वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर के मद्देनजर 5 से 7 अप्रैल 2027 तक ‘Happening Haryana Global Investors Summit 2027’ आयोजित किया जाएगा।
इस निवेश सम्मेलन के जरिए राज्य सरकार वैश्विक और घरेलू निवेशकों को हरियाणा में निवेश के लिए आकर्षित करने की तैयारी कर रही है। सरकार ने वर्ष 2030-31 तक नए निवेश के रूप में 5 लाख करोड़ रुपये जुटाने और 10 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है।
110 MoU से 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने ‘Haryana UK CETA: Trade Bridge—Unlocking Global Opportunities for Haryana’ कार्यक्रम में शिरकत की।
“हरियाणा ने ‘गो ग्लोबल’ का दूरदर्शी विजन अपनाया है और इंडिया-यूके CETA इस दिशा में एक मील का पत्थर है। इस ऐतिहासिक समझौते से टेक्सटाइल, फुटवियर,…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 14, 2026
नायब सिंह सैनी ने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में लागू की गई 10 सेक्टर-विशिष्ट नीतियों के लॉन्च के पहले ही दिन 110 समझौता ज्ञापनों यानी MoUs पर हस्ताक्षर हुए। इनके जरिए करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव सामने आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उनका जोर हरियाणा को देश के साथ-साथ वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बनाने पर है।
विदेशी सहयोग के जरिए कारोबार विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में कारोबार के विस्तार के लिए Foreign Cooperation Department के जरिए सरकार हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने निवेशकों और विकास भागीदारों को राज्य में कारोबार बढ़ाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सरकार का फोकस स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और हरियाणा की औद्योगिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने पर है। UK CETA को इसी रणनीति का अहम हिस्सा बताया गया है।
International Gita Jayanti Mahotsav में शामिल होने का न्योता
नायब सिंह सैनी ने सभी विकास भागीदारों और कारोबारी प्रतिनिधियों को ‘International Gita Jayanti Mahotsav 2026’ में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार उद्योग, निवेश, रोजगार और वैश्विक कारोबार के क्षेत्र में हरियाणा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ‘Go Global’ नीति, UK CETA और आगामी Global Investors Summit को इसी व्यापक विजन से जोड़कर देखा जा रहा है।