मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि AI और वैश्विक सप्लाई चेन में बदलाव के बीच हरियाणा का ‘Go Global’ विजन अहम है। उन्होंने India-UK CETA को महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों के बीच हरियाणा के ‘Go Global’ विजन पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-यूके CETA इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और इससे हरियाणा के वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर मजबूत होंगे।
बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच ‘Go Global’ पहल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार और वैश्विक सप्लाई चेन के पुनर्गठन ने व्यापार और उद्योग के सामने नई संभावनाएं और चुनौतियां खड़ी की हैं। ऐसे समय में हरियाणा ने दूरदर्शी ‘Go Global’ पहल को अपनाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य का उद्देश्य अपनी औद्योगिक और कारोबारी क्षमता को वैश्विक बाजारों से जोड़ना है। इसी व्यापक सोच के तहत भारत-यूके CETA को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
India-UK CETA को बताया अहम मील का पत्थर
नायब सिंह सैनी ने भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों को लंबे समय से चली आ रही साझेदारी का परिणाम बताया। उनके मुताबिक दोनों देशों के रिश्ते लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और मजबूत जन-से-जन संबंधों पर आधारित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि India-UK CETA दोनों देशों के आर्थिक और कारोबारी संबंधों को नई गति देने की क्षमता रखता है। हरियाणा के लिए भी यह समझौता वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के अवसर उपलब्ध करा सकता है।
ब्रिटेन के विकास में प्रवासी भारतीयों का योगदान
तेजी से बदलती दुनिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक सप्लाई चेन के पुनर्गठन को ध्यान में रखते हुए हरियाणा ने ‘गो ग्लोबल’ का दूरदर्शी विजन अपनाया है। भारत-यूके सीईटीए इस दिशा में एक मील का पत्थर है।
भारत और यूके के संबंध वर्षों पुरानी साझेदारी, लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और… pic.twitter.com/4FMQHzZy63
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 14, 2026
मुख्यमंत्री ने ब्रिटेन में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लाखों NRI ने ब्रिटेन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें हरियाणा से जुड़े हजारों परिवार भी शामिल हैं।
नायब सैनी के मुताबिक प्रवासी भारतीयों ने दोनों देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हरियाणवी परिवारों की मौजूदगी इस जुड़ाव को और मजबूत बनाती है।
हरियाणा के विकास में ब्रिटिश संस्थानों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिटिश संस्थानों ने भी हरियाणा की विकास यात्रा में एक विश्वसनीय साझेदार की भूमिका निभाई है। उन्होंने भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग को केवल व्यापार तक सीमित न मानते हुए इसे नवाचार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों से जोड़कर देखा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग को और व्यापक बनाया जा सकता है। हरियाणा की औद्योगिक क्षमता और ब्रिटेन के साथ मजबूत संबंध इस दिशा में नए अवसर पैदा कर सकते हैं।
वैश्विक बाजार से जुड़ने पर हरियाणा का फोकस
‘Go Global’ पहल के जरिए हरियाणा अपनी अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजारों के साथ और मजबूती से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बदलती सप्लाई चेन और नई तकनीकों के दौर में राज्य सरकार उद्योगों, निवेशकों और कारोबारी संस्थानों के लिए नए अवसर तलाशने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत-यूके संबंधों की मजबूत नींव और प्रवासी भारतीयों की भूमिका हरियाणा के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर पैदा करती है। India-UK CETA को इसी व्यापक वैश्विक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।