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AAP नेता जरनैल सिंह ने समिति के सदस्यों से गुरुद्वारा साहिब की गरिमा बनाए रखने और सिख धर्म के सम्मान को राजनीतिक हितों से ऊपर रखने की अपील की।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता जरनैल सिंह ने गुरुद्वारे से जुड़े विवाद को लेकर समिति के सदस्यों से अपील की है कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर गुरुद्वारा साहिब के कथित अपमान को बर्दाश्त न करें। उन्होंने कहा कि समिति में जिस पद पर सदस्य बैठे हैं, उसकी गरिमा बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। इस मामले में उन्हें अपने राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर सिख धर्म और उसकी मर्यादा के सम्मान को प्राथमिकता देनी चाहिए।
जरनैल सिंह की समिति के सदस्यों से अपील
जरनैल सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए संदेश में समिति के सभी सदस्यों से इस मुद्दे पर अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब की गरिमा और सिख धर्म की मर्यादा से जुड़े मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, समिति के सदस्यों को अपने पद की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
जरनैल सिंह ने अपने संदेश में आरोप लगाया कि BJP के इशारे पर गुरुद्वारे का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने समिति के सदस्यों से अपील की कि वे राजनीतिक स्वार्थ के बजाय सिख धर्म के सम्मान को प्राथमिकता दें। हालांकि, BJP की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप जरनैल सिंह के बयान का हिस्सा हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों का पक्ष जानना जरूरी है।
गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब विवाद के बीच बयान
हमारा कमेटी के सभी सदस्यों से आग्रह है कि भाजपा के इशारे पर गुरुघर का अपमान बर्दाश्त न किया जाए।
आप लोग जिस ओहदे पर हो उसकी मर्यादा का सम्मान करो और इस मामले में अपने राजनीतिक स्वार्थ की बजाय सिख धर्म के सम्मान को ऊपर रखें।
@JarnailSinghAAP https://t.co/HlgE3d8A2B
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 11, 2026
जरनैल सिंह की यह अपील गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर जारी विवाद के बीच सामने आई है। इस मामले में आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और इसे सिख धार्मिक भावनाओं तथा गुरुद्वारे की मर्यादा से जोड़कर देखा है।
AAP नेताओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए और ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों को जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं, घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने लाने के लिए पुलिस की कार्रवाई के कारणों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
धार्मिक सम्मान और राजनीतिक जवाबदेही पर जोर
जरनैल सिंह के बयान में धार्मिक मर्यादा और सार्वजनिक पद की जिम्मेदारी को प्रमुखता दी गई है। उन्होंने समिति के सदस्यों से अपील की कि वे किसी राजनीतिक दबाव में आए बिना सिख धर्म के सम्मान के पक्ष में खड़े हों।
इस बयान के बाद गुरुद्वारा विवाद को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, इस मामले में सभी संबंधित पक्षों के बयान और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का विस्तृत आकलन किया जा सकेगा।