आप नेता इसुदान गढवी ने नीट (NEET) पेपर लीक को देश के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात के 21 पेपर लीक का मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर लागू हो गया है, जिससे 23 लाख छात्रों का भविष्य अंधकार में है।
‘पेपर लीक का गुजरात मॉडल अब पूरे देश में’ – नीट घोटाले पर इसुदान गढवी का तीखा प्रहार
अहमदाबाद/नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 (NEET-UG) परीक्षा के पेपर लीक मामले ने पूरे देश के छात्र जगत में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढवी ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इस घटना को देश के लिए ‘शर्मनाक’ करार देते हुए इसे भाजपा के तथाकथित ‘गुजरात मॉडल’ का विस्तार बताया है।
23 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़
इसुदान गढवी ने कहा कि नीट परीक्षा रद्द होने से देशभर के 23 लाख से अधिक छात्रों और उनके परिवारों का जीवन अंधकारमय हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा, “एक छात्र सालों तक दिन-रात मेहनत करता है, माता-पिता अपनी जमा-पूंजी दांव पर लगाते हैं, लेकिन अंत में भाजपा का भ्रष्टाचार उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है।”
“गुजरात से निकला पेपर लीक का मॉडल”
➡️ પેપરલીક થવાને કારણે NEET ની પરીક્ષા રદ્દ કરવામાં આવી છે જેનાથી 23 લાખ કરતા વધુ વિધાર્થીઓ અને તેમના પરિવારજનોનું જીવન અંધકારમય બન્યું છે.
➡️ ગુજરાતમાં પણ કુલ 21 જેટલા પેપર લીક થયા છે અને હવે આ મોડલ કેન્દ્રીય કક્ષાએ લાગુ પડ્યું છે જેથી સમગ્ર દેશમાં પેપરલીક થઈ રહ્યા છે અને… pic.twitter.com/5tFeFf4Dfb
— AAP Gujarat (@AAPGujarat) May 13, 2026
भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए गढवी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की शुरुआत गुजरात से हुई थी, जहाँ पिछले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड 21 पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब वही ‘गुजरात मॉडल’ केंद्रीय स्तर पर लागू हो गया है, जिसके कारण आज पूरी राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली ध्वस्त हो गई है।
इसुदान गढवी का बयान: “ये बहुत दुखद है कि गुजरात में जो 21 पेपर लीक हुए, उसका फॉर्मूला अब केंद्र ने अपना लिया है। आज पूरा देश पेपर लीक की आग में जल रहा है। शर्मनाक यह है कि पेपर लीक करने वाले भू-माफियाओं और शिक्षा माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, लेकिन जब हम जैसे लोग छात्रों के हक के लिए आवाज उठाते हैं, तो हमें जेल भेज दिया जाता है।”
“विरोध करने वालों को जेल, दोषियों को बेल”
आप नेता ने सरकार की दोहरी नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली गुनहगार खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को जेल की सलाखों के पीछे डाला जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि नीट घोटाले की निष्पक्ष जांच हो और उन ‘बड़े नामों’ का खुलासा किया जाए जो इन माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं।
- प्रभाव: 23 लाख छात्रों का भविष्य अधर में।
- आरोप: गुजरात के ’21 पेपर लीक’ के अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर दोहराया जा रहा है।
- कार्यवाही: पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून और कार्रवाई की मांग।
- विरोध: विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप।
इसुदान गढवी ने स्पष्ट कर दिया है कि आम आदमी पार्टी छात्रों के साथ इस अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने भाजपा को चेतावनी दी है कि युवाओं के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ देश कभी माफ नहीं करेगा।