गुवाहाटी से बेंगलुरु जा रही इंडिगो फ्लाइट की दूसरी लैंडिंग कोशिश के दौरान रनवे से असामान्य संपर्क हुआ। विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं।
गुवाहाटी से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की फ्लाइट को रविवार को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान असामान्य स्थिति का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि विमान ने लैंडिंग का पहला प्रयास सफल नहीं होने के बाद दूसरी बार उतरने की कोशिश की। इसी दौरान विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया। इस तरह की घटना को विमानन क्षेत्र में आम तौर पर टेल स्ट्राइक कहा जाता है। घटना के बाद विमान में सवार यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि विमान में मौजूद सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रहे और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
तेज हवाओं के बीच हुआ असामान्य रनवे संपर्क
इंडिगो के प्रवक्ता के मुताबिक, फ्लाइट 6E 6542 को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते समय असामान्य स्थिति का सामना करना पड़ा। विमान की लैंडिंग के दौरान तेज हवाएं चल रही थीं। इसी दौरान विमान का रनवे से असामान्य संपर्क हुआ। शुरुआती जानकारी में तेज हवाओं को घटना से जुड़ी परिस्थितियों में शामिल बताया गया है, लेकिन हादसे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। घटना की विस्तृत जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि विमान के रनवे से संपर्क की वजह क्या थी।
सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित उतारा गया
घटना के बाद विमान में मौजूद सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया गया। इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य के घायल होने की जानकारी नहीं है। विमानन क्षेत्र में लैंडिंग के दौरान इस तरह की घटना को गंभीरता से लिया जाता है, इसलिए एयरलाइन की ओर से निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि घटना की जानकारी निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP के तहत सभी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। इसका उद्देश्य घटना का आवश्यक रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की जांच सुनिश्चित करना है।
विमान की तकनीकी जांच शुरू
घटना के बाद संबंधित विमान को आगे की उड़ान के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया है। एयरलाइन की ओर से विमान की मेंटेनेंस और तकनीकी जांच की जा रही है। विमान के दोबारा सेवा में आने से पहले आवश्यक निरीक्षण और सुरक्षा जांच पूरी की जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों से जरूरी मंजूरी मिलने पर ही विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी।
इस प्रक्रिया में विमान के उन हिस्सों की विशेष रूप से जांच की जा सकती है, जो लैंडिंग के दौरान रनवे के संपर्क में आए थे। किसी भी संभावित तकनीकी नुकसान की पहचान करना और विमान की उड़ान सुरक्षा सुनिश्चित करना इस जांच का प्रमुख हिस्सा होगा।
क्या होता है टेल स्ट्राइक?
लैंडिंग के दौरान विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकराने की घटना को टेल स्ट्राइक कहा जाता है। यह स्थिति आम तौर पर तब पैदा हो सकती है जब विमान का नोज ऊपर की ओर अधिक उठ जाए और विमान का पिछला हिस्सा रनवे के करीब आ जाए। टेक-ऑफ और लैंडिंग दोनों चरणों में ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, किसी विशेष घटना में टेल स्ट्राइक के कारण अलग-अलग हो सकते हैं और केवल शुरुआती जानकारी के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता।
इस मामले में भी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि विमान का रनवे से संपर्क किस विशेष कारण से हुआ। तेज हवाओं के बीच लैंडिंग की परिस्थितियां घटना की जांच में एक पहलू हो सकती हैं, लेकिन वास्तविक कारण संबंधित तकनीकी और परिचालन जांच के बाद ही सामने आएगा।
दूसरे लैंडिंग प्रयास पर यात्रियों में मची हलचल
रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान ने लैंडिंग का पहला प्रयास करने के बाद दूसरी बार उतरने की कोशिश की। दूसरे प्रयास के दौरान रनवे से विमान के पिछले हिस्से का संपर्क हुआ। इस दौरान यात्रियों को झटका महसूस हुआ और कुछ समय के लिए विमान के अंदर हड़कंप की स्थिति बनी। हालांकि, विमान सुरक्षित रूप से संभाल लिया गया और यात्रियों को बाद में सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया गया।
घटना के बाद एयरलाइन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाए गए। विमान को तब तक उड़ान के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जब तक उसकी पूरी तकनीकी जांच और संबंधित सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो जातीं।
सितंबर में इंडिगो की एक और फ्लाइट में आई थी तकनीकी समस्या
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब सितंबर में इंडिगो की उड़ानों से जुड़ी कुछ अन्य परिचालन और तकनीकी घटनाएं भी सामने आई हैं। इससे पहले 1 सितंबर को गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट को इंजन में तकनीकी खराबी का पता चलने के बाद मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वापस लौटना पड़ा था। उस विमान में 229 यात्री सवार थे। रिपोर्ट के अनुसार, विमान ने उड़ान भरने के करीब 45 मिनट बाद सुरक्षित लैंडिंग की थी और इसके बाद विमान को आवश्यक रखरखाव जांच के लिए भेजा गया था।
जांच के बाद ही साफ होगी घटना की वजह
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हुई इस घटना में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। विमान को भी दोबारा सेवा में शामिल करने से पहले विस्तृत तकनीकी निरीक्षण से गुजरना होगा। तेज हवाओं के बीच हुई लैंडिंग और दूसरे प्रयास के दौरान रनवे से असामान्य संपर्क की परिस्थितियों की जांच की जाएगी। संबंधित अधिकारियों और एयरलाइन की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे कौन से परिचालन या तकनीकी कारण जिम्मेदार थे।