भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त उछाल। सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी तेजी, FIIs की वापसी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदों से बाजार को मिला सहारा।
24 जून, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में एक शानदार ‘वी-शेप’ रिकवरी देखने को मिली। पिछले सत्र की भारी बिकवाली से उबरते हुए, बाजार ने न केवल अपने नुकसान की भरपाई की, बल्कि प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों ने जोरदार बढ़त के साथ कारोबार बंद किया। दोपहर के सत्र में सेंसेक्स 900 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर 77,100 के स्तर को पार कर गया, जबकि निफ्टी 50 ने 24,050 के महत्वपूर्ण स्तर पर फिर से कब्जा जमा लिया।
बाजार में तेजी के पीछे के 5 प्रमुख कारण
- कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट: ग्लोबल बेंचमार्क ‘ब्रेंट क्रूड’ के दाम 76 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आने से निवेशकों का मनोबल बढ़ा है। चूंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में नरमी से चालू खाता घाटे (CAD) में सुधार और मुद्रास्फीति के दबाव में कमी की उम्मीद जगी है।
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की सुगबुगाहट: भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अंतिम चरण में होने की खबरों ने बाजार में जोश भर दिया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा करने के साथ ही व्यापारिक बाधाओं को दूर करने में मददगार साबित हो सकता है।
- विदेशी निवेशकों (FIIs) की वापसी: पिछले कुछ हफ्तों से जारी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की भारी बिकवाली के बाद, मंगलवार को FIIs नेट खरीदार बनकर उभरे। 17.86 करोड़ रुपये की मामूली ही सही, लेकिन यह खरीदारी भारतीय इक्विटी में फिर से बढ़ते भरोसे का संकेत है।
- बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी: बाजार की तेजी का मुख्य आधार बैंकिंग और आईटी सेक्टर रहे। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.5% की शानदार उछाल दर्ज की गई, जिसमें टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज शेयरों का योगदान रहा। वहीं, बैंक निफ्टी में भी 1.77% की बढ़त रही, जिससे इंडेक्स को मजबूती मिली।
- वैश्विक संकेतों और कम अस्थिरता: एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और इंडिया VIX (अस्थिरता सूचकांक) में 2.70% की गिरावट ने यह साबित किया कि बाजार में अब डर कम है और निवेशकों का विश्वास लौट रहा है।
सेक्टरों का शानदार प्रदर्शन
बाजार की यह तेजी केवल कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका दायरा काफी व्यापक था। निफ्टी रियल्टी (2.01%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (1.80%) और निफ्टी सीमेंट (1.56%) जैसे सेक्टरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी खरीदारी दिखी, जो इस बात का सबूत है कि निवेशकों ने हर स्तर पर निवेश को प्राथमिकता दी है।
24 जून का सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा सकारात्मक मोड़ साबित हुआ है। 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के बाद, अब निफ्टी का अगला पड़ाव तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा 24,200-24,400 के दायरे में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, कच्चे तेल की स्थिरता, FIIs की वापसी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की सकारात्मक चर्चा ने बाजार को एक नया ‘ट्रैक्शन’ दिया है, जिसने पिछले दिन के घाव को पूरी तरह भर दिया है।