मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट। सेंसेक्स 680 अंक टूटा और निफ्टी 23,700 के नीचे फिसला। आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से बाजार में कोहराम।
भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स मंगलवार को भारी गिरावट के साथ खुले, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और घरेलू स्तर पर आईटी तथा बैंकिंग क्षेत्र में मची बिकवाली ने बाजार की धारणा को पूरी तरह नकारात्मक कर दिया। शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स 680 से अधिक अंक लुढ़ककर 75,335 के स्तर पर आ गया, जबकि NSE निफ्टी50 ने लगभग 184 अंकों की गिरावट दर्ज की और 23,632 के आसपास कारोबार करता दिखा।
आईटी शेयरों ने डुबोई बाजार की नैया
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का सबसे मुख्य कारण सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में लगभग 3 प्रतिशत तक टूट गया, जिससे यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स बन गया। दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई:
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS): 3.3% तक की गिरावट।
- इंफोसिस (Infosys): भारी बिकवाली का दबाव।
- HCL टेक्नोलॉजीज: शुरुआती सौदों में 3 प्रतिशत से अधिक का नुकसान।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर जारी संशय के कारण आईटी सेक्टर पर दबाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर इंडेक्स पर पड़ा है।
ब्रॉडर मार्केट और इंडिया विक्स (India VIX) में हलचल
बिकवाली का दबाव केवल दिग्गज शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ब्रॉडर मार्केट (Midcap & Smallcap) में भी भारी कमजोरी देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.38 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 भी लगभग 1 प्रतिशत फिसल गया।
बाजार में बढ़ते डर और अनिश्चितता का सबसे बड़ा संकेत इंडिया विक्स (India VIX) से मिला। ‘फियर गेज’ कहा जाने वाला यह इंडेक्स बढ़कर 18.64 के स्तर पर पहुंच गया। विक्स में यह उछाल बताता है कि निवेशकों के बीच अस्थिरता और चिंता काफी बढ़ गई है, जिससे आने वाले सत्रों में और अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना है।
बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में भी गिरावट का साया
आईटी के बाद बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों ने बाजार को नीचे खींचने में बड़ी भूमिका निभाई। निफ्टी बैंक लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। निजी क्षेत्र के बड़े ऋणदाताओं, विशेष रूप से HDFC बैंक और ICICI बैंक, में भारी बिकवाली देखी गई। रियल्टी और मीडिया शेयरों में भी शुरुआती सत्र में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो पर लाल निशान गहरा गया।
मेटल शेयरों में दिखी मामूली मजबूती
बाजार में चारों तरफ फैली मंदी के बीच मेटल स्टॉक्स ने कुछ हद तक जुझारूपन दिखाया। जहां अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में थे, वहीं निफ्टी मेटल इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। हालांकि, यह मजबूती इतनी पर्याप्त नहीं थी कि बाजार की समग्र गिरावट को रोक सके।
विश्लेषकों की राय: क्या करें निवेशक?
बाजार के जानकारों का कहना है कि 23,750-23,800 का स्तर निफ्टी के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सपोर्ट था, जिसके टूटने के बाद अब बाजार 23,500 के स्तर को टेस्ट कर सकता है। निवेशकों को फिलहाल आक्रामक खरीदारी से बचने और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (विशेषकर मध्य-पूर्व) तथा क्रूड ऑयल की कीमतों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। बाजार में फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ (इंतजार करो और देखो) की नीति अपनाना ही समझदारी भरा कदम हो सकता है।