वर्क फ्रॉम होम और ईंधन बचत: पीएम मोदी की अपील के बावजूद हाइब्रिड मॉडल पर अडिग आईटी सेक्टर

वर्क फ्रॉम होम और ईंधन बचत: पीएम मोदी की अपील के बावजूद हाइब्रिड मॉडल पर अडिग आईटी सेक्टर

प्रधानमंत्री मोदी ने ईंधन बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम की अपील की है, लेकिन आईटी कंपनियां हाइब्रिड मॉडल को बदलने के पक्ष में नहीं हैं। जानिए मनीकंट्रोल की रिपोर्ट क्या कहती है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश में ईंधन की खपत को कम करने और ऊर्जा संरक्षण के उद्देश्य से कंपनियों से ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) को प्राथमिकता देने की अपील की है। हालांकि, तकनीकी जगत (IT Industry) से आ रही खबरों के मुताबिक, कंपनियां कार्यालय में अनिवार्य उपस्थिति के नियमों को फिर से कड़ा करने या पूर्ण रूप से घर से काम करने के मॉडल पर वापस लौटने के मूड में नहीं दिख रही हैं। ‘मनीकंट्रोल’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की दिग्गज आईटी कंपनियां अपने वर्तमान ‘हाइब्रिड वर्क मॉडल’ (Hybrid Work Model) को ही जारी रखने की योजना बना रही हैं।

पीएम मोदी की अपील और ऊर्जा संरक्षण का लक्ष्य

कच्चे तेल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों और पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने सुझाव दिया था कि वर्क फ्रॉम होम से न केवल सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि ईंधन की भारी बचत भी की जा सकती है। प्रधानमंत्री का मानना है कि यदि बड़ी आबादी घर से काम करती है, तो परिवहन में खर्च होने वाला पेट्रोल-डीजल बचेगा, जिसका सीधा सकारात्मक असर देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ेगा।

आईटी उद्योग की प्राथमिकता: स्थिरता और संतुलन

पीएम की अपील के बावजूद, आईटी उद्योग के विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि कंपनियां अब पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 लॉकडाउन के बाद पिछले तीन वर्षों में आईटी कंपनियों ने बहुत मुश्किल से एक ‘स्थिरता’ हासिल की है। यह स्थिरता कर्मचारी की लचीलेपन (Flexibility) की मांग, क्लाइंट की जरूरतों और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं (Operational Needs) के बीच एक बारीक संतुलन बनाती है।
कंपनियों का तर्क है कि उन्होंने हाइब्रिड मॉडल को व्यवस्थित करने के लिए भारी निवेश किया है। अब अचानक किसी भी दिशा में (पूर्ण WFH या पूर्ण ऑफिस) बड़ा बदलाव करने से इस स्थिरता के बिगड़ने का डर है। वर्तमान में अधिकांश कंपनियां सप्ताह में 2 या 3 दिन ऑफिस बुलाने की नीति पर चल रही हैं, जिसे वे सबसे उपयुक्त मानती हैं।

हाइब्रिड मॉडल की सफलता के तीन साल

आईटी फर्मों ने पिछले तीन सालों में यह अनुभव किया है कि हाइब्रिड मॉडल न केवल उत्पादकता को बनाए रखता है, बल्कि कर्मचारियों की संतुष्टि के स्तर को भी ऊंचा रखता है। कंपनियों का कहना है कि डेटा सुरक्षा, टीम सहयोग और क्लाइंट कॉन्फिडेंस के लिए ऑफिस से काम करना जरूरी है, जबकि घर से काम करने का विकल्प प्रतिभाओं को अपने साथ जोड़े रखने (Employee Retention) में मदद करता है।
उद्योग जगत के जानकारों का कहना है कि ईंधन की बचत एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह से बदला जाना व्यावहारिक नहीं लगता। इसके बजाय, कंपनियां ऑफिस आने वाले कर्मचारियों के लिए साझा परिवहन (Carpooling) या इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर अधिक जोर दे रही हैं।

कर्मचारी और बाजार की प्रतिक्रिया

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई कंपनी फिर से पूर्ण वर्क फ्रॉम होम या सख्त ऑफिस उपस्थिति की ओर बढ़ती है, तो उसे प्रतिभाओं के पलायन (Attrition) का सामना करना पड़ सकता है। आज के समय में, आईटी प्रोफेशनल्स के लिए ‘लचीलापन’ एक प्रमुख शर्त बन गया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि आईटी सेक्टर का भविष्य अब न तो पूरी तरह ऑफिस में है और न ही पूरी तरह घर में; यह ‘हाइब्रिड’ ही रहने वाला है, चाहे बाहरी चुनौतियां कुछ भी हों।

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