India-US Tech Partnership: Seattle में जुटे 40+ भारतीय-अमेरिकी टेक CEO, सत्य नडेला ने AI को बताया जनरल-पर्पज टेक्नोलॉजी

India-US Tech Partnership: Seattle में जुटे 40+ भारतीय-अमेरिकी टेक CEO, सत्य नडेला ने AI को बताया जनरल-पर्पज टेक्नोलॉजी

 

Seattle में Ideas4India फोरम में 40 से ज्यादा भारतीय-अमेरिकी टेक CEO और CTO जुटे। सत्य नडेला ने AI को जनरल-पर्पज टेक्नोलॉजी बताया, भारत-अमेरिका सहयोग पर हुई चर्चा।

भारत-अमेरिका के बीच टेक्नोलॉजी सहयोग को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अमेरिका के Seattle में भारतीय मूल के 40 से ज्यादा टेक CEO और CTO एक मंच पर जुटे। भारत के महावाणिज्य दूतावास, Seattle ने 17 सितंबर को “Ideas4India: Indian American Tech CEOs Forum | Unlocking the Tech Dividend” का आयोजन किया। यह कार्यक्रम India AI Impact Summit 2026 के फॉलो-अप के तौर पर आयोजित किया गया, जिसमें ग्रेटर सिएटल की भारतीय-अमेरिकी टेक कम्युनिटी की विशेषज्ञता और अनुभव से भारत के तकनीकी विकास के लिए सीखने पर चर्चा हुई।

फोरम में AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरोस्पेस और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों से जुड़े टेक्नोलॉजी लीडर्स शामिल हुए। इनमें से कई विशेषज्ञों के पास अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में तीन दशकों से ज्यादा का अनुभव है। कार्यक्रम का मुख्य फोकस भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए विशेषज्ञता, निवेश, रिसर्च और टैलेंट को जोड़ना रहा।

सत्य नडेला ने AI को बताया जनरल-पर्पज टेक्नोलॉजी

Microsoft के चेयरमैन और CEO सत्य नडेला इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सिएटल की टेक्नोलॉजी कम्युनिटी के विकास और भारत के साथ उसके बढ़ते रिश्तों पर बात की। नडेला ने कहा कि उन्होंने करीब 35 वर्षों में सिएटल की टेक कम्युनिटी को विकसित होते देखा है और भारत के साथ उसके रिश्ते मजबूत होते देखकर खुशी होती है।

नडेला ने AI को ‘जनरल-पर्पज टेक्नोलॉजी’ बताया। इसका अर्थ ऐसी तकनीक से है जिसका इस्तेमाल अर्थव्यवस्था और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में किया जा सकता है। उनके अनुसार, AI से मिलने वाले लाभ इस बात पर निर्भर करेंगे कि इसे अलग-अलग देशों, समुदायों और क्षेत्रों में कितनी व्यापकता के साथ अपनाया जाता है।

AI से लेकर सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी तक चर्चा

फोरम के दौरान भारतीय मूल के टेक CEO और CTO ने भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। चर्चा में AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग, क्वांटम रिसर्च, टैलेंट और स्किलिंग, एयरोस्पेस तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र प्रमुख रहे।

इन क्षेत्रों को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि AI और दूसरी उभरती तकनीकों के विकास के लिए मजबूत कंप्यूटिंग क्षमता, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, डेटा सेंटर, कुशल मानव संसाधन और रिसर्च नेटवर्क की जरूरत होती है। ऐसे में दोनों देशों के टेक इकोसिस्टम के बीच सहयोग से रिसर्च और व्यावसायिक साझेदारी के नए अवसर बन सकते हैं।

विनय क्वात्रा ने भारत-अमेरिका टेक साझेदारी पर दिया जोर

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। भारत की ओर से AI मिशन को समावेशिता, खुलेपन, संप्रभुता, लोकतांत्रिक पहुंच, सुरक्षा और विश्वास जैसे सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।

इससे यह संकेत मिलता है कि भारत के लिए AI सहयोग केवल निवेश और तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि डेटा, सुरक्षा, भरोसे और तकनीक की पहुंच जैसे मुद्दे भी साझेदारी का हिस्सा हैं।

दिवंगत टेक दिग्गजों को दी गई श्रद्धांजलि

Ideas4India फोरम की शुरुआत सिएटल के भारतीय मूल के दो टेक्नोलॉजी दिग्गजों समीर बोडास और एस. सोमसेगर की याद में एक मिनट का मौन रखकर हुई। समीर बोडास Icertis के सह-संस्थापक और CEO थे, जबकि एस. सोमसेगर Madrona Venture Group के मैनेजिंग डायरेक्टर और Microsoft के पूर्व कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट थे।

कार्यक्रम में उनके सिएटल टेक इकोसिस्टम को विकसित करने और भारतीय मूल के स्टार्टअप्स को समर्थन देने में योगदान को याद किया गया। USB-C से जुड़े शुरुआती विकास के लिए पहचाने जाने वाले पद्म श्री अजय भट्ट, जो पहले Intel से जुड़े रहे हैं, भी चर्चा में शामिल हुए।

Microsoft और Amazon के बड़े निवेश से जुड़ा भारत

फोरम में भारत-अमेरिका टेक साझेदारी के व्यावसायिक पहलू भी सामने आए। भारत में अमेरिकी टेक कंपनियों की मौजूदगी और निवेश लगातार बढ़ रहे हैं। Microsoft ने 2026 से 2029 के बीच भारत में 17.5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, यह एशिया में उसका अब तक का सबसे बड़ा निवेश है और इसका इस्तेमाल क्लाउड तथा AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग और ऑपरेशन को आगे बढ़ाने में किया जाएगा।

वहीं Amazon ने 2026 से 2030 के बीच भारत में कुल 48 अरब डॉलर निवेश करने की योजना घोषित की है। इसमें AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अतिरिक्त निवेश भी शामिल है। Amazon के अनुसार, मुंबई और हैदराबाद में AWS डेटा सेंटर क्षमता का विस्तार इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पहली बार सिएटल में ऐसा टेक फोरम

भारत के महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, सिएटल में भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी लीडर्स का इस तरह का फोरम पहली बार आयोजित किया गया। Ideas4India को भविष्य में भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण संवाद मंच के रूप में आगे बढ़ाने की उम्मीद है।

यह पहल भारत-अमेरिका TRUST (Transforming the Relationship Utilizing Strategic Technology) पहल से भी जुड़ती है। इसके तहत दोनों देश अपने इनोवेशन इकोसिस्टम को जोड़ने और AI, क्वांटम, सेमीकंडक्टर, स्पेस, टेलीकॉम और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इसमें को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन जैसे सहयोग के मॉडल भी शामिल हैं।

भारत के टेक भविष्य के लिए क्यों अहम है यह मंच?

Seattle का टेक इकोसिस्टम दुनिया की कई प्रमुख तकनीकी कंपनियों और स्टार्टअप्स से जुड़ा हुआ है। ऐसे में भारतीय मूल के टेक लीडर्स की विशेषज्ञता भारत के लिए AI, क्लाउड, सेमीकंडक्टर और दूसरी उभरती तकनीकों में सहयोग के अवसरों को समझने में उपयोगी हो सकती है। Ideas4India फोरम ने एक ही मंच पर टेक इंडस्ट्री, रिसर्च, निवेश और नीतिगत सहयोग से जुड़े विषयों पर बातचीत का अवसर दिया।

भारत में AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते निवेश तथा अमेरिका की तकनीकी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी के बीच यह मंच दोनों देशों के बीच तकनीकी रिश्तों के अगले चरण पर संवाद का आधार बन सकता है। आने वाले समय में इस तरह के सहयोग से रिसर्च, स्किलिंग, निवेश और अत्याधुनिक तकनीकों के विकास में नई साझेदारियों की संभावनाओं पर नजर रहेगी।

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