भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को सेंसेक्स 564 अंक चढ़कर 74,858 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 23,400 के पार पहुंचा। फार्मा, रियल्टी और हेल्थकेयर शेयरों में तेजी रही।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 21 सितंबर को कारोबार तेजी के साथ बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार में चुनिंदा दिग्गज और रक्षात्मक शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स 560 अंक से ज्यादा चढ़ गया। वहीं, निफ्टी ने एक बार फिर 23,400 का स्तर हासिल कर लिया। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 564.03 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,858.99 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 74,535.18 पर खुला और 74,987.40 के उच्चतम तथा 74,454.18 के निचले स्तर तक पहुंचा।
निफ्टी 23,414 के स्तर पर बंद
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी सोमवार को बढ़त में रहा। निफ्टी 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,414.30 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले शुक्रवार को निफ्टी 23,346.40 पर बंद हुआ था। सोमवार के कारोबार के दौरान निफ्टी ने 23,314.80 का निचला स्तर और 23,466.80 का ऊपरी स्तर छुआ। बाजार में चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी से प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली।
Pharma और Realty सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टर के आधार पर देखें तो सोमवार को फार्मा शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.16 प्रतिशत चढ़कर प्रमुख सेक्टरल गेनर रहा। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में 1.14 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर में 1.10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 0.95 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.53 प्रतिशत बढ़कर बंद हुए।
हालांकि सभी सेक्टर हरे निशान में नहीं रहे। निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.81 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज एक्स-बैंक इंडेक्स 0.57 प्रतिशत नीचे रहा। निफ्टी मेटल में भी 0.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी आईटी 0.08 प्रतिशत फिसलकर बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव
बाजार की व्यापक तस्वीर देखें तो सोमवार को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कुछ दबाव दिखाई दिया। निफ्टी 100 में 0.25 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई, जबकि निफ्टी 200 इंडेक्स 0.14 प्रतिशत चढ़ा। इसके विपरीत निफ्टी मिडकैप 100 में 0.29 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 150 में 0.37 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 0.07 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि सोमवार को बाजार की तेजी मुख्य रूप से बड़े और चुनिंदा प्रमुख शेयरों तक सीमित रही।
UltraTech Cement समेत इन शेयरों में जोरदार तेजी
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में UltraTech Cement सबसे ज्यादा बढ़त के साथ बंद हुआ। कंपनी के शेयर में 4.11 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद HCL Technologies में 3.42 प्रतिशत, Eternal में 2.59 प्रतिशत, Titan में 2.49 प्रतिशत और ITC में 1.93 प्रतिशत की बढ़त रही।
इसके अलावा Asian Paints 1.70 प्रतिशत, HDFC Bank 1.49 प्रतिशत, TCS 1.39 प्रतिशत, Trent 1.33 प्रतिशत और L&T 1.20 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए। इन बड़े शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
Bharti Airtel और Power Grid समेत ये शेयर टूटे
दूसरी ओर सेंसेक्स के कुछ प्रमुख शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली। Bharti Airtel का शेयर 1.93 प्रतिशत गिरकर सबसे बड़ा लूजर रहा। Power Grid में 1.15 प्रतिशत, Infosys में 0.97 प्रतिशत, Adani Ports में 0.72 प्रतिशत और Tata Steel में 0.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
India VIX में भी आई गिरावट
बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला India VIX सोमवार को 0.83 प्रतिशत गिरकर 11.29 पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 11.39 के स्तर पर था। VIX में गिरावट से संकेत मिला कि निकट अवधि में बाजार की अस्थिरता अपेक्षाकृत सीमित रही।
Geopolitical घटनाक्रम पर रहेगी बाजार की नजर
Geojit Investments के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक, आगामी अमेरिका-चीन वार्ता से पहले निवेशकों की धारणा में सुधार, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने बाजार को राहत दी। उनके अनुसार ऊर्जा लागत और महंगाई से जुड़ी चिंताओं में कमी ने विभिन्न सेक्टरों में सुधार को समर्थन दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियों के आय चक्र में सकारात्मक बदलाव के संकेत और बाजार के कुछ हिस्सों में अपेक्षाकृत आकर्षक मूल्यांकन भी इक्विटी बाजार के लिए समर्थन दे रहे हैं। हालांकि निकट अवधि में भू-राजनीतिक घटनाक्रम और ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक बने रह सकते हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या रहेगा अहम?
सोमवार की तेजी के बाद बाजार की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, बॉन्ड यील्ड और प्रमुख देशों के बीच कूटनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी। इसके साथ ही आने वाले कारोबारी सत्रों में कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन और आय संबंधी संकेत भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। सेंसेक्स के 75,000 के करीब पहुंचने और निफ्टी के 23,400 के ऊपर बंद होने के बाद बाजार में आगे की दिशा के लिए वैश्विक और घरेलू दोनों संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे।