अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका में पाकिस्तानी हवाई हमलों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन की बात कही।
भारत ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में हुई पाकिस्तानी हवाई कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी संप्रभु पड़ोसी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में हुई द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में हमलों में नागरिकों की मौत पर संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने साथ ही अफगानिस्तान की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
कुनार और पक्तिका में क्या हुआ?
अफगान अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से कुनार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए गए। अफगान पक्ष ने बताया कि कुनार में तीन नागरिकों की मौत हुई और चार अन्य घायल हुए। पक्तिका में एक स्थानीय दुकान और एक घर को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) ने भी तीन नागरिकों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, इस घटना को लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के दावों में अंतर है।
पाकिस्तान ने अपनी कार्रवाई को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अभियान बताया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के अनुसार, अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों में 28 आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान का कहना है कि ये कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों और आत्मघाती हमलावरों से जुड़े स्थानों को निशाना बनाकर की गई थी। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
भारत ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका में किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि हमलों में नागरिकों की जान जाने की खबर बेहद गंभीर है और भारत मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की।
जायसवाल ने यह भी कहा कि किसी संप्रभु पड़ोसी के खिलाफ इस तरह की आक्रामक कार्रवाई क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को प्रभावित करती है। भारत ने अफगानिस्तान की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपना मजबूत और निरंतर समर्थन दोहराया। भारत की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पार हिंसा तथा आतंकवादी गतिविधियों को लेकर तनाव बना हुआ है।
अफगान सरकार ने जताया विरोध
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भी पाकिस्तानी हवाई हमलों की निंदा की है। सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमलों को अफगान क्षेत्र में आक्रामक कार्रवाई बताया। उनके अनुसार, कुनार में एक महिला और दो पुरुषों की मौत हुई, जबकि दो महिलाओं और दो पुरुषों के घायल होने की जानकारी दी गई। पक्तिका में एक घर और स्थानीय दुकान को निशाना बनाए जाने का भी दावा किया गया। मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान इस कार्रवाई का उचित जवाब देगा।
पाकिस्तान का अलग दावा
इस घटनाक्रम को समझने के लिए पाकिस्तान के पक्ष को भी देखना जरूरी है। पाकिस्तान ने कहा है कि उसके सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और कार्रवाई में 28 आतंकवादी मारे गए। इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान में हमले करने वाले कुछ आतंकवादी समूह अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करते हैं। दूसरी ओर, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है। दोनों पक्षों के बीच इसी मुद्दे को लेकर तनाव और सीमा पर हिंसा के मामले सामने आते रहे हैं।
बढ़ते तनाव के बीच भारत की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध पिछले कुछ समय से तनावपूर्ण रहे हैं। सीमा पार आतंकवाद, सुरक्षा कार्रवाई और एक-दूसरे पर लगाए जाने वाले आरोपों ने दोनों देशों के बीच स्थिति को जटिल बनाया है। हालिया हवाई हमले भी इसी व्यापक तनाव के बीच हुए हैं। रॉयटर्स के अनुसार, इन हमलों ने लगभग तीन महीने की अपेक्षाकृत शांति के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव को फिर बढ़ाया है।
भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया में अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर विशेष जोर दिया है। नई दिल्ली का कहना है कि क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखना जरूरी है। भारत ने किसी नए द्विपक्षीय कदम की घोषणा किए बिना अफगान लोगों के कल्याण और सुरक्षा के प्रति अपने समर्थन को दोहराया है।
क्षेत्रीय शांति के लिए चुनौती
कुनार और पक्तिका में हुई कार्रवाई ने एक बार फिर अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा स्थिति को अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी कार्रवाई को अपनी सुरक्षा जरूरतों से जोड़ रहा है, वहीं अफगान पक्ष नागरिकों के हताहत होने और अपनी संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप लगा रहा है। इन अलग-अलग दावों के बीच भारत ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और सीमा पार हिंसा को रोकने के लिए आगे की कूटनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।