उत्तर प्रदेश सरकार ने 18 IPS अधिकारियों का तबादला किया है। ATS, CID, EOW, विजिलेंस, SSF, PAC और क्षेत्रीय खुफिया इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला लगातार जारी है। 20 सितंबर को बड़े स्तर पर IAS और IPS अधिकारियों के तबादलों के बाद अब मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को राज्य सरकार ने 18 IPS अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए। इस फेरबदल में अपराध जांच विभाग (CID), आर्थिक अपराध शाखा (EOW), आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS), प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC), विशेष सुरक्षा बल (SSF), खुफिया, विजिलेंस, तकनीकी सेवाओं और पुलिस प्रशिक्षण से जुड़े पद शामिल हैं। अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. सतीश कुमार और संजीव सुमन को नई जिम्मेदारी
तबादला आदेश के मुताबिक डॉ. सतीश कुमार, जो इससे पहले लखनऊ स्थित DGP मुख्यालय से संबद्ध थे, को 1वीं बटालियन SSF, लखनऊ का कमांडेंट नियुक्त किया गया है। वहीं संजीव सुमन को DGP मुख्यालय से स्थानांतरित कर उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (UPSIFS), लखनऊ में पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इन नियुक्तियों के साथ सुरक्षा और फॉरेंसिक से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
CID, PAC और क्षेत्रीय खुफिया इकाइयों में भी बदलाव
समीर सौरभ को लखनऊ में CID के पुलिस अधीक्षक पद से हटाकर 27वीं बटालियन PAC, सीतापुर का कमांडेंट बनाया गया है। इसी तरह आशुतोष द्विवेदी को सीतापुर के APTC से स्थानांतरित कर अयोध्या में क्षेत्रीय खुफिया इकाई का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। आनंद कुमार-II को बरेली की क्षेत्रीय खुफिया इकाई से हटाकर लखनऊ में CID का SP बनाया गया है। वहीं संजय राय को अयोध्या की क्षेत्रीय खुफिया इकाई से स्थानांतरित कर लखनऊ में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जिम्मेदारी दी गई है।
ATS, SSF और PAC में भी नई पोस्टिंग
फेरबदल में शशि शेखर सिंह को ATS, लखनऊ से हटाकर 11वीं बटालियन PAC, सीतापुर का कमांडेंट बनाया गया है। वंशराज सिंह यादव को प्रयागराज में 3वीं बटालियन SSF का कमांडेंट नियुक्त किया गया है। प्रीतिबाला गुप्ता को ATS, लखनऊ में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा राजकुमार और आलोक कुमार शर्मा को विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट में SP पद पर तैनाती मिली है।
EOW, तकनीकी सेवाओं और ट्रैफिक निदेशालय में बदलाव
कई अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कमल किशोर को लखनऊ में EOW का SP बनाया गया है, जबकि देवेश कुमार शर्मा को फूड सेल, लखनऊ में SP नियुक्त किया गया है। राहुल मिथास को तकनीकी सेवाओं का SP बनाया गया है। डॉ. कृष्ण गोपाल को 5वीं बटालियन SSF, सहारनपुर से हटाकर PTC, मुरादाबाद का SP नियुक्त किया गया है। शोएब इकबाल को ACO मुख्यालय से स्थानांतरित कर ट्रैफिक निदेशालय, लखनऊ में SP बनाया गया है। पवित्र मोहन त्रिपाठी को RTC, चुनार, मिर्जापुर में SP की जिम्मेदारी मिली है। वहीं महेश सिंह अत्री को PTS, मुरादाबाद से हटाकर बरेली में क्षेत्रीय खुफिया इकाई का SP बनाया गया है।
चुनावी वर्ष से पहले तबादलों पर नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए हाल के प्रशासनिक और पुलिस फेरबदल को चुनावी तैयारी के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि, सरकार के आधिकारिक आदेश में इन तबादलों को विभागीय प्रशासन को सुव्यवस्थित करने और पुलिस की विभिन्न शाखाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। हालिया फेरबदल में अलग-अलग जिलों और विशेषज्ञ पुलिस इकाइयों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
चुनाव की घोषणा के बाद क्या बदलता है?
चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू होती है। चुनाव से जुड़े अधिकारियों के तबादले और तैनाती पर आयोग की ओर से विशेष दिशा-निर्देश लागू होते हैं। निर्वाचन आयोग के मैनुअल में कहा गया है कि राज्य में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले चुनाव से सीधे जुड़े अधिकारियों की तैनाती और तबादलों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव की घोषणा के बाद चुनाव संचालन से जुड़े अधिकारियों के तबादलों पर प्रतिबंध लागू हो सकता है और आवश्यक मामलों में राज्य सरकार को आयोग से पूर्व अनुमति या मंजूरी लेनी पड़ सकती है। इनमें पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में स्पष्ट प्रक्रियाएं निर्धारित की हैं।
2027 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश के साथ 2027 में पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में विभिन्न राज्यों में प्रशासनिक तैयारियों और चुनावी व्यवस्थाओं से जुड़े फैसलों पर नजर रहेगी। उत्तर प्रदेश में हालिया 18 IPS अधिकारियों के तबादले इसी व्यापक प्रशासनिक गतिविधि के बीच हुए हैं। फिलहाल सरकार की ओर से इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस की विभिन्न शाखाओं की कार्यक्षमता को व्यवस्थित करना बताया गया है।