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Independence Day 2026 से पहले नितिन गडकरी ने देशवासियों से आजादी को ‘स्वराज्य’ में बदलने और भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
भारत अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में जुटा है। स्वतंत्रता दिवस से पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए नए संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को मिली आजादी केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों लोगों के त्याग और बलिदान को याद करने का दिन भी है, जिनकी कुर्बानियों के कारण भारत स्वतंत्र हुआ। गडकरी ने कहा कि अब समय आ गया है कि स्वतंत्रता को ‘स्वराज्य’ यानी सुशासन और आत्मनिर्भरता के व्यापक भाव में बदला जाए तथा देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और विश्व गुरु भारत के विजन की दिशा में आगे ले जाने के लिए हर नागरिक अपना योगदान दे।
आजादी को स्वराज्य में बदलने का संकल्प
स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर बात करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि आजादी भारत के इतिहास का एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि देश को स्वतंत्रता लाखों लोगों के समर्पण, संघर्ष और बलिदान से मिली है। इसलिए स्वतंत्रता दिवस केवल जश्न मनाने का दिन नहीं, बल्कि देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें पूरा करने का संकल्प लेने का अवसर भी है। गडकरी ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्वतंत्रता को ‘स्वराज्य’ में बदलने की दिशा में काम करें। उनके अनुसार, स्वराज्य का अर्थ केवल राजनीतिक आजादी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली, विकास, अवसर और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना भी शामिल है।
भारत को विश्व गुरु बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने के विजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देशवासियों को नए उत्साह और गति के साथ राष्ट्र निर्माण के कार्य में जुटना चाहिए। भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत, समृद्ध और सम्मानित राष्ट्र बनाने के लिए सरकार के साथ-साथ नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल बड़े शहरों और औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि गांवों, गरीबों, मजदूरों और किसानों के कल्याण को भी विकास का केंद्र बनाया जाना चाहिए। जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचेगा, तभी भारत को वास्तव में समृद्ध और खुशहाल राष्ट्र बनाया जा सकेगा।
गांव, गरीब, किसान और मजदूरों के कल्याण पर जोर
नितिन गडकरी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण का वास्तविक उद्देश्य देश के लोगों को खुशहाल, समृद्ध और संपन्न बनाना होना चाहिए। इसके लिए गांवों का विकास, किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार, मजदूरों के हितों की रक्षा और गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसके गांवों और मेहनतकश लोगों में है। इसलिए देश के विकास का मॉडल ऐसा होना चाहिए, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों और कमजोर वर्गों को भी समान अवसर मिलें। उनका संदेश था कि जब हर नागरिक अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण में योगदान देगा, तभी देश विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल कर पाएगा।
देशवासियों से राष्ट्र निर्माण का आह्वान
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए गडकरी ने कहा कि आने वाले समय के लिए देशवासियों को प्रेरणा लेकर पूरी ताकत के साथ राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। उनका कहना है कि भारत की आजादी के पीछे जिस त्याग और संघर्ष की लंबी कहानी है, उसकी भावना को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान पीढ़ी को देश को मजबूत बनाने में अपना योगदान देना चाहिए। स्वतंत्रता का सही सम्मान तभी होगा, जब नागरिक अपने कर्तव्यों को समझें और देशहित को प्राथमिकता देते हुए विकास में भागीदार बनें।
हर घर तिरंगा अभियान में देशभर में उत्साह
स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर भी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अभियान की शुरुआत ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने और स्वतंत्रता दिवस के प्रति सम्मान एवं गर्व की भावना व्यक्त करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई थी। अब यह अभियान स्वतंत्रता दिवस के समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग तिरंगा यात्राओं, रैलियों और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से इस अभियान में भाग ले रहे हैं।
2026 में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष फोकस
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस वर्ष के समारोहों में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने की स्मृति को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। राष्ट्रीय भावना और देशभक्ति से जुड़े इस गीत की ऐतिहासिक भूमिका को ध्यान में रखते हुए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा रैलियां और जुलूस, प्रदर्शनियां, तिरंगा कॉन्सर्ट, बाइक और साइकिल रैलियां, महत्वपूर्ण स्थानों पर तिरंगे की रोशनी, सजावट और रंगोली कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘तिरंगा सलाम’ और सेल्फी विद तिरंगा
इस वर्ष अभियान के तहत ‘Tiranga Salute to the Spirit of Vande Mataram’ थीम पर भी विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा लोगों के बीच लोकप्रिय ‘Selfie with Tiranga’ पहल भी जारी रहेगी। इसका उद्देश्य नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस के उत्सव से सीधे जोड़ना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोग तिरंगे के साथ अपनी तस्वीरें साझा कर रहे हैं।
आजादी के साथ जिम्मेदारी का संदेश
नितिन गडकरी का संदेश ऐसे समय आया है जब देश 80वें स्वतंत्रता दिवस के लिए तैयार हो रहा है। उनका ‘आजादी से स्वराज्य’ का आह्वान स्वतंत्रता के साथ जुड़ी जिम्मेदारियों की ओर ध्यान दिलाता है। देश ने स्वतंत्रता हासिल करने के बाद विकास की लंबी यात्रा तय की है, लेकिन विकसित और समृद्ध भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयास की जरूरत है। गांव, गरीब, किसान और मजदूरों के कल्याण से लेकर आत्मनिर्भरता, सुशासन और राष्ट्रीय एकता तक, हर क्षेत्र में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस स्वतंत्रता दिवस का संदेश केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने और भारत को मजबूत, समृद्ध तथा वैश्विक स्तर पर अग्रणी राष्ट्र बनाने के संकल्प से भी जुड़ा है।