मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा विजन-2047’ के तहत सहकारी और खाद्य आपूर्ति विभागों के 5-वर्षीय रोडमैप की समीक्षा की। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर दिया जोर।
विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में हरियाणा सरकार ने अपनी रणनीति को और तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा विजन-2047’ के अंतर्गत आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सहकारिता विभाग (Cooperation Department) और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग (Food and Civil Supplies Department) के 5-वर्षीय रोडमैप और कार्य योजना की गहन समीक्षा की।
सहकारी समितियों की भूमिका पर जोर
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने हरियाणा विजन-2047 के तहत आयोजित बैठक में सहकारिता विभाग तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के 5 वर्षीय रोडमैप और एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 2, 2026
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘विकसित हरियाणा’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहकारी समितियों (Cooperative Societies) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “ग्रामीण स्तर तक कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूह (SHG) और सहकारी समितियां भारतीय अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। हमें इन्हें और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है ताकि वे राज्य के आर्थिक विकास में अपनी पूरी भागीदारी निभा सकें।”
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 5-वर्षीय रोडमैप का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना और आम जनता तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को आसान बनाना है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को लेकर उन्होंने निर्देश दिए कि वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बनाए रखी जाए ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुँच सके।
भविष्य का रोडमैप (2047 का विजन)
‘हरियाणा विजन-2047’ के तहत सरकार ने प्रदेश के हर विभाग के लिए एक दीर्घकालिक योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तैयार किए गए एक्शन प्लान को समयबद्ध तरीके से लागू करें। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने विभागों की वर्तमान प्रगति और आगामी 5 वर्षों के लक्ष्यों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने इन विभागों की कार्यप्रणाली में तकनीक के अधिक उपयोग और बेहतर समन्वय पर बल दिया। सरकार का मानना है कि इन विभागों के माध्यम से न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि हरियाणा का कृषि और ग्रामीण ढांचा भी वैश्विक मानकों के अनुरूप मजबूत होगा।