‘
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सदस्यों पर शायराना अंदाज में निशाना साधा। कहा, बेईमानी का पैसा उनके लिए जहर के समान है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) का साथ छोड़ने वाले राज्यसभा सदस्यों पर तीखा और शायराना प्रहार किया है। ‘लੱਗਦੀ ਨਾਲ਼ੋਂ ਟੁੱਟਦੀ ਚੰਗੀ ਬੇਕਦਰਾਂ ਦੀ ਯਾਰੀ’ (बेकदरों के साथ जुड़ी रहने वाली यारी से तो उनका टूट जाना ही बेहतर है) जैसी पंक्तियों के जरिए मुख्यमंत्री ने उन नेताओं को आईना दिखाया, जिन्होंने पार्टी और पंजाब की जनता का भरोसा तोड़ा।
‘जनता के साथ विश्वासघात बर्दाश्त नहीं’
ਲੱਗਦੀ ਨਾਲ਼ੋਂ ਟੁੱਟਦੀ ਚੰਗੀ ਬੇਕਦਰਾਂ ਦੀ ਯਾਰੀ!
‘ਆਪ’ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜਨਤਾ ਨਾਲ਼ ਧ੍ਰੋਹ ਕਮਾ ਕੇ ਛੱਡ ਜਾਣ ਵਾਲ਼ੇ ਰਾਜ ਸਭਾ ਮੈਂਬਰਾਂ ‘ਤੇ CM ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੇ ਸ਼ਾਇਰਾਨਾ ਅੰਦਾਜ਼ ‘ਚ ਕੱਸਿਆ ਤੰਜ, ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੇਈਮਾਨੀ ਦਾ 1 ਰੁਪਿਆ ਖਾਣਾ ਮੇਰੇ ਲਈ ਸਲਫ਼ਾਸ ਦੀ ਗੋਲ਼ੀ ਖਾਣ ਬਰਾਬਰ ਹੋਵੇਗਾ pic.twitter.com/AMTbrxIaom
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 2, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जो लोग पार्टी और राज्य की जनता के साथ गद्दारी करके छोड़ गए, उनका जाना ही पार्टी के हित में है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरवादी नेताओं का कोई स्थान नहीं है जो अपने स्वार्थ के लिए जनादेश का अपमान करते हैं। मान ने कहा कि उन्होंने हमेशा पंजाब और ‘आप’ की विचारधारा को सर्वोपरि रखा है और जो लोग इस विचारधारा के साथ नहीं चल सकते, उनका अलग हो जाना ही उचित है।
‘बेईमानी का एक रुपया सल्फॉस की गोली के समान’
नैतिकता और ईमानदारी पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए सत्ता या पैसा कभी भी उद्देश्य नहीं रहा। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा, “मेरे लिए बेईमानी का एक रुपया भी सल्फॉस की गोली (जहरीली दवा) खाने जैसा है। मैं पंजाब की जनता के विश्वास से कभी समझौता नहीं कर सकता।”
आलोचकों पर कटाक्ष
भगवंत मान ने अपने चिर-परिचित शायराना अंदाज में कहा कि जो लोग पार्टी को छोड़कर जा रहे हैं, वे पंजाब की जनता की सेवा नहीं कर सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘आम आदमी पार्टी’ एक मिशन है और मिशन में रहने वाले लोग ही इसकी गरिमा को समझते हैं। गद्दारी करने वाले नेताओं की आलोचना करते हुए उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि वे पंजाब के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम करना जारी रखेंगे, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों।
राजनीतिक गलियारों में सीएम मान के इस बयान को पार्टी के भीतर अनुशासन और ईमानदारी का कड़ा संदेश माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह शायराना तंज सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जहां लोग उनके इस बेबाक अंदाज की सराहना कर रहे हैं।