मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: हरियाणा में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती और सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: हरियाणा में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती और सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों को औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती और सूक्ष्म सिंचाई अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों को औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को अपनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण की ओर से तैयार की गई दो रिपोर्टें जारी कीं:

  1. हरियाणा में औषधीय और सुगंधित पौधों के संवर्धन पर कार्य समूह की रिपोर्ट

  2. हरियाणा में सूक्ष्म सिंचाई के संवर्धन पर कार्य समूह की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती के लिए प्रेरित करें, ताकि सीमित कृषि भूमि से अधिकतम आय प्राप्त की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सकता है और किसानों में टिकाऊ कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ सकती है।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खरीफ फसलों (विपणन सत्र 2026-27) के लिए मूल्य नीति निर्धारण पर भी बैठक की अध्यक्षता की और निर्देश दिए कि इसका प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, कृषि विभाग के निदेशक राज नारायण कौशिक, हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. रविंदर सिंह चौहान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत औषधीय जड़ी-बूटियों के विश्व के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है और हरियाणा की रणनीतिक स्थिति तथा मजबूत कृषि अवसंरचना इसे इस क्षेत्र में प्रमुख योगदान देने के लिए सक्षम बनाती है। उन्होंने बताया कि औषधीय और सुगंधित पौधों का क्षेत्र केवल खेती तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रसंस्करण, निष्कर्षण, मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्माण और विपणन जैसी गतिविधियाँ भी शामिल हैं, जो ग्रामीण रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसंधान संस्थान और निजी क्षेत्र मिलकर योजनाबद्ध तरीके से काम करें ताकि हरियाणा को औषधीय और सुगंधित पौधों के उत्पादन और प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सूक्ष्म सिंचाई की रिपोर्ट राज्य में इस प्रणाली को अपनाने को बढ़ावा देगी और किसानों को उन फसलों की खेती के लिए प्रेरित करेगी जिनमें सूक्ष्म सिंचाई का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती और सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देना राज्य के किसानों के लिए आर्थिक अवसर और स्थायी कृषि विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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