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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में करदाताओं की सुविधा और जीएसटी सुधारों से जुड़े सुझाव रखे। सितंबर 2026 में राज्य का सकल जीएसटी संग्रह ₹10,097 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में जीएसटी राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में राज्य के जीएसटी संग्रह, करदाताओं की सुविधा और जीएसटी व्यवस्था में सुधार से जुड़े अहम सुझाव रखे। मुख्यमंत्री के अनुसार, सितंबर 2026 में हरियाणा का सकल जीएसटी संग्रह ₹10,097 करोड़ रहा, जो सभी राज्यों में पांचवां सबसे अधिक संग्रह है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा का घरेलू जीएसटी संग्रह देश के कुल घरेलू जीएसटी में 7 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। राज्य में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जीएसटी राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
जीएसटी संग्रह में हरियाणा का अहम योगदान
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश के जीएसटी संग्रह में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य का सकल जीएसटी संग्रह ₹10,097 करोड़ रहा। यह आंकड़ा राज्य की कर राजस्व व्यवस्था के महत्व को दर्शाता है।
उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य के जीएसटी राजस्व में 22 प्रतिशत वृद्धि और चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 26 प्रतिशत वृद्धि का भी उल्लेख किया। सरकार के अनुसार, राजस्व में यह बढ़ोतरी राज्य की वित्तीय स्थिति और विकास संबंधी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
करदाताओं की सुविधा और जीएसटी व्यवस्था में सुधार पर जोर
नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती @nsitharaman की अध्यक्षता में आयोजित 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने हरियाणा के जीएसटी संग्रह, करदाताओं की सुविधा और जीएसटी व्यवस्था में सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
“सितंबर 2026 में हरियाणा का सकल जीएसटी संग्रह ₹10,097 करोड़ रहा, जो सभी राज्यों में पांचवां सर्वाधिक और देश के घरेलू जीएसटी का 7% से अधिक है। वर्ष 2025-26 में राज्य जीएसटी राजस्व में 22% तथा चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 26% वृद्धि दर्ज हुई।
करदाताओं की सुविधा बढ़ाने और राजस्व को मजबूत करने वाले जीएसटी सुधार ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को गति देंगे। हरियाणा इस दिशा में केंद्र और सभी राज्यों के साथ मिलकर निरंतर कार्य करता रहेगा।”
— मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) October 8, 2026
57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करदाताओं की सुविधा बढ़ाने और जीएसटी प्रणाली को बेहतर बनाने से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए। इनका उद्देश्य कर अनुपालन की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना और राजस्व संग्रह को मजबूत करना है।
जीएसटी व्यवस्था में सुधार से कारोबारियों और उद्योगों को कर संबंधी प्रक्रियाओं को समझने तथा उनका पालन करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, एक बेहतर कर प्रणाली से सरकार के राजस्व प्रबंधन को भी मजबूती मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करदाताओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने और राजस्व बढ़ाने के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। उन्होंने जीएसटी सुधारों को देश की दीर्घकालिक आर्थिक विकास योजनाओं से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
वित्त वर्ष 2025-26 में जीएसटी राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि
मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा ने वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य जीएसटी राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में राजस्व वृद्धि 26 प्रतिशत रही।
ये आंकड़े राज्य के जीएसटी राजस्व में बढ़ोतरी को रेखांकित करते हैं। हालांकि, राजस्व में वृद्धि का दीर्घकालिक प्रभाव कर संग्रह की निरंतरता, आर्थिक गतिविधियों और करदाताओं की भागीदारी जैसे कारकों पर भी निर्भर करेगा।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़े जीएसटी सुधार
नायब सिंह सैनी ने कहा कि करदाताओं की सुविधा बढ़ाने और राजस्व को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जाने वाले जीएसटी सुधार ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को गति देंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा केंद्र सरकार और अन्य राज्यों के साथ मिलकर इस दिशा में लगातार काम करता रहेगा। जीएसटी परिषद केंद्र और राज्यों के बीच कर संबंधी नीतिगत मुद्दों पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, कर व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने और राजस्व संग्रह को मजबूत करने के लिए सहयोगात्मक प्रयास जरूरी हैं।
केंद्र और राज्यों के सहयोग पर रहेगा फोकस
जीएसटी परिषद की बैठक में हरियाणा की ओर से रखे गए सुझाव राज्य के कर संग्रह, कारोबारियों की सुविधा और जीएसटी व्यवस्था में सुधार से संबंधित रहे। मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता भी जताई।
सितंबर 2026 में ₹10,097 करोड़ का सकल जीएसटी संग्रह, वित्त वर्ष 2025-26 में 22 प्रतिशत राजस्व वृद्धि और चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 26 प्रतिशत वृद्धि इस बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए प्रमुख आंकड़े रहे।
हरियाणा सरकार का कहना है कि करदाताओं की सुविधा और राजस्व को मजबूत करने पर ध्यान देते हुए राज्य विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देता रहेगा।