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हरियाणा में साइबर अपराधियों ठगों के खिलाफ बड़ा एक्शन। साल 2026 के पहले 6 महीनों में 31% रिफंड रेट के साथ 3,947 साइबर अपराधी गिरफ्तार और 14,000 अवैध कंटेंट हटाए गए।
साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (Cyber Financial Fraud) के खिलाफ हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने एक ऐसी ऐतिहासिक सफलता हासिल की है, जिसने पूरे देश के सामने एक नया बेंचमार्क स्थापित कर दिया है। साल 2026 के पहले छह महीनों की प्रगति समीक्षा बैठक के दौरान यह साफ हो गया है कि हरियाणा पुलिस ने तकनीकी कौशल और त्वरित कार्रवाई के दम पर राज्य के नागरिकों की गाढ़ी कमाई को न केवल सुरक्षित किया है, बल्कि देश में सबसे तेज रिफंड दिलाने वाला राज्य बनकर उभरा है।
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने ‘प्रगति’ (PRAGATI) साइबर पुलिसिंग एक्शन प्लान की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि राज्य ने मनी रीस्टोरेशन मॉड्यूल (Money Restoration Module – MRM) के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के मामलों में 31 प्रतिशत फंड रिकवरी (31% Refund Rate) सुनिश्चित की है। यह आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक इसलिए है क्योंकि यह महज 3.85% के राष्ट्रीय औसत से आठ गुना अधिक है।
6 महीने में 3,947 साइबर ठग गिरफ्तार; हॉटस्पॉट नूंह में तोड़ा कमर
साइबर अपराध पर सख्ती बढ़ी!
हरियाणा ने साइबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के माध्यम से साइबर ठगी के मामलों में 31 प्रतिशत धन वापसी सुनिश्चित की है।
इसके साथ ही वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में 14,000 से अधिक अवैध ऑनलाइन…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 6, 2026
हरियाणा पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम कोऑординаेशन सेंटर (S4C) ने राज्य भर के संगठित साइबर नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:
बड़ी कार्रवाई: वर्ष 2026 के शुरुआती छह महीनों (जनवरी से जून) के भीतर ही राज्य भर से 3,947 शातिर साइबर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
विशेष रूप से साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित ‘नूंह’ (Nuh) जिले में पुलिस का सबसे सख्त पहरा देखने को मिला। जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच अकेले नूंह से 927 साइबर अपराधियों को दबोचा गया, जबकि उनके पास से 751 मोबाइल फोन और 1,442 अवैध सिम कार्ड जब्त किए गए। पुलिस की इस आक्रामक कार्रवाई से अंतरराज्यीय ठग गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
इंटरनेट से साफ हुआ 14,000 से अधिक अवैध और फर्जी कंटेंट
डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने ‘सहयोग पोर्टल’ (Sahyog Portal) के माध्यम से एक बड़ा सफ़ाई अभियान चलाया है। पहले छह महीनों में पुलिस ने इंटरनेट, सोशल मीडिया और सर्च इंजनों पर एक्टिव 14,139 से अधिक अवैध ऑनलाइन कंटेंट को हमेशा के लिए ब्लॉक और रिमूव करवा दिया है। इसमें फर्जी विज्ञापन, ठगी करने वाले सोशल मीडिया पेज, फर्जी कूपन और लोगों को झांसा देने वाली फिशिंग वेबसाइट्स शामिल थीं।
इसके अतिरिक्त, हरियाणा सरकार ने हाल ही में 25 जून को ‘ई-जीरो एफआईआर’ (e-Zero FIR) सिस्टम लागू किया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति 1 लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर ठगी का शिकार होता है और नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करता है, तो उसकी शिकायत सीधे और बिना किसी देरी के ‘जीरो एफआईआर’ में बदल जाती है, जिससे बैंकों को तुरंत खाता फ्रीज करने का आदेश मिल जाता है।
एआई (AI) और आधुनिक तकनीक से लैस होगी हरियाणा पुलिस
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस शानदार प्रदर्शन के लिए पुलिस महानिदेशक और पूरी साइबर टीम की पीठ थपथपाई। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि साइबर जांच प्रणाली को और अधिक पुख्ता करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सर्विलांस और अत्याधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जाए।
राज्य सरकार ने पुलिस बल की क्षमता निर्माण (Capacity Building) पर भी विशेष जोर दिया है, जिसके तहत जनवरी 2025 से अब तक 9,100 से अधिक पुलिसकर्मियों को आधुनिक साइबर इन्वेस्टिगेशन की स्पेशल ट्रेनिंग दी जा चुकी है। सरकार का साफ कहना है कि डिजिटल युग में हरियाणा के हर नागरिक की तकनीकी सुरक्षा और उनके पैसे की हिफाजत करना सरकार का सबसे पहला संकल्प है।