हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी की बैठक में सख्त निर्देश दिए हैं कि सरकारी निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री या लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
हरियाणा में चल रहे सरकारी विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि राज्य में हो रहे सभी सरकारी निर्माण कार्य तय मानकों और उच्च गुणवत्ता के साथ ही पूरे होने चाहिए। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, घटिया सामग्री का इस्तेमाल या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह सख्त निर्देश मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (Quality Assurance Authority – QAA) की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और तकनीकी जांच (Technical Audit) की प्रगति रिपोर्ट की गहन समीक्षा की गई।
भ्रष्टाचार और लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी द्वारा सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विभिन्न विभागों में किए जा रहे तकनीकी ऑडिट की समीक्षा बैठक आयोजित।
“प्रदेश में होने वाले सभी सरकारी निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार पूरे होने चाहिए। निर्माण कार्य में कहीं भी लापरवाही, निम्न गुणवत्ता या… pic.twitter.com/XXJcYKKadK
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 14, 2026
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी कि जनता की गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा पूरी पारदर्शिता के साथ सही जगह इस्तेमाल होना चाहिए। बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के निर्माण में किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में सीएम सैनी ने कहा:
“राज्य में चल रहे सभी सरकारी प्रोजेक्ट्स निर्धारित मापदंडों के अनुसार समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। हमारे काम में लापरवाही या भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। जो भी नियमों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा।”
सड़कों की गुणवत्ता और टेंडर शर्तों का सख्ती से हो पालन
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सड़क निर्माण परियोजनाओं (Road Infrastructure) में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टेंडर एग्रीमेंट में जो भी शर्तें और तकनीकी मानक (Technical Standards) तय किए गए हैं, उनका शत-प्रतिशत पालन होना अनिवार्य है। ऑडिट रिपोर्ट में जहाँ भी कमियाँ या खामियाँ पाई गई हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जाए और गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों व अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर तुरंत एक्शन लिया जाए।
अब केंद्रीय उपक्रमों (Central PSUs) के प्रोजेक्ट्स का भी होगा ऑडिट
पारदर्शिता का दायरा बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी को एक और बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अथॉरिटी न केवल राज्य सरकार के विभागों, बल्कि हरियाणा में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (Central PSUs) द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों का भी समय-समय पर तकनीकी ऑडिट करे। इस कदम से राज्य में चल रही हर छोटी-बड़ी विकास परियोजना में पारदर्शिता, मजबूती और दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित की जा सकेगी।