हरियाणा में पीएम-आरकेवीवाई के तहत 1122 करोड़ रुपये की कृषि वार्षिक कार्य योजना स्वीकृत

हरियाणा में पीएम-आरकेवीवाई के तहत 1122 करोड़ रुपये की कृषि वार्षिक कार्य योजना स्वीकृत

हरियाणा में पीएम-आरकेवीवाई 2026-27 के तहत 1122 करोड़ रुपये की कृषि योजना स्वीकृत। योजना में कृषि मशीनीकरण, फसल विविधीकरण, टिकाऊ खेती, बागवानी, सिंचाई दक्षता और खाद्य सुरक्षा पर जोर।

हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 1122 करोड़ रुपये की व्यापक कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी है। यह निर्णय मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLCC) की बैठक में लिया गया।

हरियाणा में कृषि योजनाओं की समीक्षा

बैठक में कृषि और किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने 2025-26 की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बताया गया कि पहले की जारी राशि ₹318.17 करोड़ में से ₹240.46 करोड़ का उपयोग हो चुका है, जो 75% से अधिक की उपयोग दर को दर्शाता है।

मुख्य सचिव ने कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निधियों के समय पर उपयोग और विभागों के बीच सशक्त समन्वय पर जोर दिया ताकि लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट और आवंटन

हरियाणा के लिए पीएम-आरकेवीवाई 2026-27 का कुल आवंटन 909.22 करोड़ रुपये रखा गया है। इसमें केंद्र सरकार का योगदान 545.53 करोड़ रुपये और राज्य सरकार का योगदान 363.69 करोड़ रुपये है।

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कृषि मशीनीकरण और फसल अवशेष प्रबंधन

राज्य की प्राथमिकताओं के अनुसार:

  • कृषि मशीनीकरण उप-मिशन: 200 करोड़ रुपये, किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी खरीदने में सहायता।

  • फसल अवशेष प्रबंधन: 250 करोड़ रुपये, मशीनों की खरीद और पराली जलाने को कम करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम।

बागवानी, सिंचाई और प्राकृतिक खेती

  • बागवानी के एकीकृत विकास मिशन: 110 करोड़ रुपये, बागवानी विस्तार, पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और विपणन सुविधाओं के लिए।

  • प्रति बूंद अधिक फसल कार्यक्रम: 160 करोड़ रुपये, कृषि में कुशल जल उपयोग को बढ़ावा।

  • प्राकृतिक कृषि प्रोत्साहन: 15 करोड़ रुपये।

खाद्य सुरक्षा और तिलहन उत्पादन

  • राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन और दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के लिए आवंटन, हरियाणा में तिलहन, दलहन और अनाज उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए।

  • राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन: 6 करोड़ रुपये, मधुमक्खी पालन और संबद्ध कृषि गतिविधियों से किसानों की आय बढ़ाने के लिए।

कृषि अवसंरचना और अनुसंधान

समिति ने कृषि अनुसंधान सुविधाओं, सिंचाई संसाधनों में सुधार, और एकीकृत कृषि प्रणालियों को समर्थन देने वाली परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। यह पहल आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और राज्य में कृषि उत्पादकता बढ़ाने में सहायक होगी।

हरियाणा में टिकाऊ और विविध कृषि को बढ़ावा

यह वार्षिक कार्य योजना राज्य में मशीनीकरण, फसल विविधीकरण, सिंचाई दक्षता, और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और हरियाणा को आधुनिक और सतत कृषि राज्य बनाने में मदद मिलेगी।

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