पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा में RDF फंड, आंगनवाड़ी और मिड-डे मील कर्मचारियों के मानदेय को लेकर केंद्र सरकार और BJP पर सवाल उठाए। जानिए पूरा मामला।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रतिनिधियों को घेरते हुए केंद्र सरकार पर कई योजनाओं के वित्तीय दायित्व राज्यों पर डालने का आरोप लगाया। उन्होंने रूरल डेवलपमेंट फंड (RDF) की कथित बकाया राशि, आंगनवाड़ी और मिड-डे मील कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि के मुद्दे पर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।
RDF भुगतान रोकने का आरोप
हरपाल चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब का RDF (Rural Development Fund) भुगतान रोके जाने से राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने भाजपा से पूछा कि लंबे समय से लंबित इस राशि को जारी करने के लिए केंद्र सरकार क्या कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़े कई कार्य RDF पर निर्भर हैं और भुगतान में देरी का असर सीधे गांवों के विकास पर पड़ता है।
आंगनवाड़ी और मिड-डे मील कर्मचारियों का मुद्दा उठाया
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— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 6, 2026
वित्त मंत्री ने विधानसभा में यह भी कहा कि आंगनवाड़ी और मिड-डे मील कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि लंबे समय से लंबित है। उन्होंने दावा किया कि पिछले लगभग 15 वर्षों से इस विषय पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे इन कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
‘योजनाएं शुरू कर वित्तीय बोझ राज्यों पर डाल देती है केंद्र’
हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कई योजनाओं की शुरुआत तो बड़े स्तर पर करती है, लेकिन बाद में उनका वित्तीय बोझ राज्यों पर छोड़ देती है।
उन्होंने कहा कि योजनाओं की घोषणा के समय केंद्र सरकार श्रेय लेने का प्रयास करती है, जबकि समय के साथ राज्यों को अपने संसाधनों से इन योजनाओं का खर्च वहन करना पड़ता है।
विधानसभा में केंद्र की नीतियों पर सवाल
वित्त मंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में राज्यों के विकास के प्रति गंभीर है, तो उसे राज्यों का बकाया समय पर जारी करना चाहिए और सामाजिक कल्याण योजनाओं में अपनी वित्तीय जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से हरपाल चीमा के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह समाचार वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा विधानसभा में दिए गए सार्वजनिक बयान पर आधारित है।