गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र में डेकियाजुली टी एस्टेट की चाय ने 1,103 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड बनाया। जानें कैसे असम की चाय वैश्विक बाजार में अपनी धाक जमा रही है।
गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र (GTAC) ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और भी मजबूत कर ली है। यह केंद्र न केवल चाय की गुणवत्ता के लिए एक प्रीमियम बाज़ार के रूप में उभरा है, बल्कि इसने निर्माताओं को उनकी उत्कृष्टता के लिए शानदार वित्तीय प्रतिफल भी प्रदान किया है। हाल ही में हुई नीलामी प्रक्रिया में कई रिकॉर्ड टूटे हैं, जो असम की चाय के प्रति वैश्विक खरीदारों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं।
डेकियाजुली चाय एस्टेट का शानदार प्रदर्शन
इस सप्ताह नीलामी के दौरान, डेकियाजुली टी एस्टेट की एक प्रीमियम CTC लीफ लाइन ने सबको चौंका दिया। यह चाय 1,103 रुपये प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड कीमत पर बिकी। गुवाहाटी चाय नीलामी खरीदार संघ के सचिव दिनेश बिहानी ने इस उपलब्धि को एक बड़ा मील का पत्थर बताया है। उसी एस्टेट की एक अन्य लाइन 973 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से नीलाम हुई, जो यह साबित करती है कि खरीदार अब प्रीमियम चाय के लिए अधिक कीमत चुकाने में संकोच नहीं कर रहे हैं।
पेरी एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के स्वामित्व वाला डेकियाजुली टी एस्टेट लंबे समय से गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) जो लुईस ने बताया कि वर्षों की मेहनत और गुणवत्ता पर निरंतर जोर देने के परिणाम अब दिखने लगे हैं। नीलामी में मिल रही ये कीमतें उनके पूरे स्टाफ की समर्पण भावना का परिणाम हैं।
सोटाई टी एस्टेट और बाजार का व्यापक रुझान
इस उपलब्धि के साथ ही सोटाई टी एस्टेट ने भी अपना नया कीर्तिमान स्थापित किया। सोटाई की चाय 889 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बिकी, जो इस एस्टेट के इतिहास में अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। दिनेश बिहानी के अनुसार, सेल संख्या 23 के दौरान 65,000 किलोग्राम से अधिक चाय 400 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर की कीमत पर बिकी है। यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि GTAC में आने वाली चाय की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है, जिसे खरीदार और विक्रेता दोनों ही काफी सराह रहे हैं।
ऑर्थोडॉक्स चाय और सरकारी सब्सिडी का प्रभाव
GTAC की प्रगति में असम सरकार की नीतियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राज्य सरकार ने हाल ही में ऑर्थोडॉक्स चाय निर्माताओं के लिए 15 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी की घोषणा की है। इस कदम से इस क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने और निर्यात में वृद्धि करने के लिए निर्माताओं को बड़ा प्रोत्साहन मिला है।
वर्तमान में, GTAC दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा CTC चाय नीलामी केंद्र है। अब संस्थान का लक्ष्य ऑर्थोडॉक्स चाय के सेगमेंट में भी अपनी हिस्सेदारी को तेजी से बढ़ाना है। इस रणनीति से अधिक निर्यातकों को आकर्षित करने की उम्मीद है, जिससे नीलामी मंच के माध्यम से सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चाय का निर्यात सुगम हो पाएगा।
भविष्य की राह और महत्व
गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र अब केवल एक व्यापारिक स्थल नहीं, बल्कि गुणवत्ता का पर्याय बन चुका है। इसने अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता लाकर न केवल चाय उत्पादकों को लाभ पहुँचाया है, बल्कि खरीदारों के लिए भी भरोसेमंद विकल्प प्रस्तुत किए हैं। यह विकास यात्रा असम के चाय उद्योग को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आने वाले समय में, जैसे-जैसे GTAC अपनी तकनीक और नीलामी प्रक्रियाओं को और उन्नत करेगा, इसकी भूमिका अंतरराष्ट्रीय चाय व्यापार में और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। यह केंद्र न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका को भी सुरक्षित कर रहा है। गुणवत्ता पर केंद्रित रहने की अपनी नीति के साथ, गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा और असम की चाय को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाने में एक सेतु की भूमिका निभाएगा।